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अत्याधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञों की टीम ने यूटेरिन आर्टरी एम्बोलाइजेशन कर महिला को दी नई जिन्दगी

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29 Nov 25
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अत्याधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञों की टीम ने यूटेरिन आर्टरी एम्बोलाइजेशन कर महिला को दी नई जिन्दगी



उदयपुर,पेसिफिक मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल बेदला में जटिल प्रसव के बाद गंभीर रक्तस्राव से पीढ़ित 29 बर्षीय महिला की इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ.भरत गुप्ता ने यूटेरिन आर्टरी एम्बोलाइजेशन कर महिला को नई जिन्दगी दी। और यह सम्भव हो पाया अत्याधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञों की टीम के चलते।
दरअसल छोटी सादड़ी निवासी 29 वर्षीय महिला को प्रसव के लिए पेसिफिक हॉस्पिटल भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने महिला की प्रारंभिक जांच की बच्चें की धड़कन अनुपस्थित थी। यह स्थिति अत्यधिक गंभीर थी। गंभीर स्थिति को देखतें हुए चिकित्सकों ने तुरन्त महिला का सामान्य प्रसव कराने का निर्णय लिया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ.रमा चुंडावत,डॉ.आकांक्षा अग्रवाल,बाल एवं शिशू रोग विशेषज्ञ डॉ.कमलेश एवं एनेस्थिसिया विशेषज्ञ डॉ.गरिमा की टीम ने बिना समय गवांए महिला का प्रसव कराया। प्रसव के बाद महिला को गंभीर प्रसवोत्तर रक्तस्राव का सामना करना पड़ा जो जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता था। रक्तस्राव की गंभीरता को देखते इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ.भरत गुप्ता और रेडियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.कपिल व्यास से संपर्क किया। विशेषज्ञों ने स्थिति का मूल्यांकन किया और मरीज की तुरन्त यूटेरिन आर्टरी एम्बोलाइजेशन किया गया। यह एक उन्नत चिकित्सा प्रक्रिया है, जो गर्भाशय में रक्त प्रवाह को नियंत्रित करती है और रक्तस्राव को रोकने में मदद करती है।
इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ.भरत गुप्ता ने बताया कि इस तरह के मामलों में चिकित्सक गर्भाशय निकालने का विकल्प अपनाते थे,जिससे महिला की मातृत्व क्षमता और जीवन दोनों संकट में पड़ जाते थे। लेकिन पेसिफिक हॉस्पिटल में विशेषज्ञों की टीम और अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों के माध्यम से ऐसे जटिल मामलों में भी जीवन बचाना संभव हो पाया है।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ.रमा चुंडावत प्रसवोत्तर रक्तस्राव एक गंभीर चिकित्सा स्थिति है,जिसमें प्रसव के बाद महिला का अत्यधिक रक्तस्राव होता है। यह स्थिति प्रसव के दौरान हो सकती है। इसे चिकित्सा जगत में एक आपातकालीन स्थिति माना जाता है क्योंकि यह महिला के जीवन के लिए खतरे का कारण बन सकता है। अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो यह रक्त की कमी के कारण महिला के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है और कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है।
पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल ने बताया कि हमारे लिए यह सिर्फ एक मरीज की जान बचाना नहीं बल्कि पूरे परिवार के जीवन को संजीवनी देने जैसा था। यह मेडिकल टीम की प्रतिबद्धता, आधुनिक तकनीक और सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
सफल उपचार के बाद महिला पूरी तरह से सही है और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। महिला के परिजनों मैनेजमेन्ट,चिकित्सकों एवं नर्सिग स्टॉफ को धन्यवाद दिया।


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