उदयपुर, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप युवाओं को उद्योगोन्मुख शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा के अथक प्रयासों से वाणिज्य एवं प्रबंधन अध्ययन महाविद्यालय में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (Apprenticeship Embedded Degree Programs) की शुरुआत की गई है।
इन कार्यक्रमों में –
बी.कॉम. (रिटेल ऑपरेशंस मैनेजमेंट)
बी.कॉम. (लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट)
बी.कॉम. (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस)
बीबीए (ट्यूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी मैनेजमेंट)
जैसे व्यावसायिक और रोजगारपरक पाठ्यक्रम शामिल हैं।
सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव
प्रो. मिश्रा ने कहा कि इन पाठ्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक उद्योग अनुभव प्रदान करना है। स्नातक स्तर पर ही विद्यार्थियों को प्रमुख कंपनियों व उद्योगों से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे वे नौकरी के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे।
स्टाइपेंड और आत्मनिर्भरता
इन पाठ्यक्रमों का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि विद्यार्थी अप्रेंटिसशिप अवधि के दौरान प्रमुख कंपनियों में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे और इसके साथ ही उन्हें स्टाइपेंड भी मिलेगा। इससे विद्यार्थी न केवल व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे, बल्कि पढ़ाई के दौरान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
वाणिज्य महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं एईडीपी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो. बी.एल. वर्मा ने कहा कि यह पहल निश्चित ही विश्वविद्यालय के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी रिटेल, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग, इंश्योरेंस, ट्यूरिज्म और हॉस्पिटेलिटी जैसे क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर सकेंगे और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में योगदान देंगे।