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दो दिवसीय एमएसएमई कॉनक्लेव प्रारम्भ

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29 Aug 25
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दो दिवसीय एमएसएमई कॉनक्लेव प्रारम्भ


बड़े उद्योगों को छोटे उद्योगों के साथ जोड़ कर राजस्थान का सर्वांगिण विकास किया जाय
उदयपुर। केन्द्रीय एमएसएमई मंत्रालय व फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एण्ड इन्डस्ट्रीज के संयुक्त तत्वावधान में 29 अगस्त से भैरवगढ़ में निःशुल्क दो दिवसीय एमएसएमई कॉनक्लेव प्रारम्भ हुआ। समारोह अतिथियों द्वारा दीप प्रजनन के साथ प्रारंभ हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि शहर विधायक ताराचंद जैन, मुख्य वक्ता एमएसएमई मंत्रालय के सहायक निदेशक संजय मीणा व राजस्थान फोर्टी शाखा के चेयरमैन प्रवीण सुथार थे। उद्घाटन सत्र का धन्यवाद ज्ञापन मनीष भानावत ने दिया। फोर्टी की उदयपुर शाखा के अध्यक्ष मनीष भानावत ने बताया कि स्वागत भाषण एमएसएमई मंत्रालय की सहायक निदेशक सुश्री अनिला चौरड़िया, उद्घाटन सत्र में राजस्थान फोर्टी शाखाओं के चेयरमैन प्रवीण सुथार, फोर्टी संरक्षक सुरजाराम मील ने दिया।
एमएसएमई मंत्रालय की सहायक निदेशक सुश्री अनिला चौरड़िया ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जो बड़े उद्योग हैं उन्हें छोटे उद्योगों के साथ कैसे जोड़ा जाए,क्योंकि बड़े उद्योग छोटे उद्योग ऑन वाले आइटम बनते नहीं है वह छोटे उद्योगों से ही खरीदते हैं। इसलिए एक दूसरे का मेल जोड़ बढ़ाने के लिए उदयपुर में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में भारत सरकार के विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। ंकार्यक्रम में उदयपुर सहित राज्य एवं देश के विभिन्न हिस्सों से आए उद्यमियों एवं वेंडर्स ने भाग लिया। वेंडर्स का विकास कैसे हो और वह कैसे आगे बढ़े उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सूजाराम मील ने कहा कि यह फोर्टी उदयपुर टीम का ही बड़ा प्रयास रहा कि उदयपुर में राष्ट्रीय लेवल की दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस पहली बार आयोजित हो पाई है। कोई भी इंडस्ट्री छोटी हो या बड़ी हो इंडस्ट्री इंडस्ट्री ही होती है। इस समय एमएसएमई के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं, जिसका वे डटकर मुकाबला कर रही है। जब तक व्यक्ति के सामने कोई चैलेंज नहीं होता है या टारगेट नहीं होता है तब तक व्यक्ति आगे नहीं बढ़ पाता है। हमारे देश के लोगों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमारा देश कृषि प्रधान भी है और उद्योगों का देश भी है, लेकिन हम बेवजह अमेरिका के आगे पीछे घूम रहे हैं।
भारत अब उस स्थिति में पहुंच गया है कि अमेरिका जैसे देशों की धमकियों का या उसके दिखाएं डर का हम पर कोई असर होने वाला नहीं है। एमएसएमई को आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार से लेकर राज्य सरकार तक कई योजनाओं के माध्यम से, फंड के माध्यम से पूर्ण प्रयास कर रही है। आज भी व्यापारियों और छोटे उद्योगों को केंद्र व राज्य सरकार की हितकारी योजनाओं की जानकारी नहीं होने से वह आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इसलिए उद्योग एमएसएमई के साथ जुड़े और केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की पूरी जानकारी लेकर अपने आप को आगे बढ़ाएं। फोर्टी अब बहुत बड़ा संगठन बन चुका है और यह सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं अब ग्राउंड लेवल पर भी इसने काम करना शुरू कर दिया है।
संजय मीणा ने कहा कि इस समय राजस्थान में 12 लाख से ज्यादा एमएसएमई रजिस्टर्ड हैं। यह लघु एवं मध्यम उद्योगों की सहायता करने के साथ ही लोगों को रोजगार से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जय जवान जय किसान के साथ जय एमएसएमई का नारा भी लगाना चाहिए। उदयपुर में इसकी एक महिला विंग भी बन चुकी है जो भी बहुत अच्छा काम कर रही है। एमएसएमई हमेशा लघु उद्योगों को लाभ दिलाने का काम कर रही है लेकिन जरूरत है कि हमें खुद ही हमारा मार्केट तैयार करना होगा।
इस अवसर पर प्रवीण सुथार ने कहां कि उद्योगों की असली पहचान उसका कर्म है एमएसएमई हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ की हड्डी बन चुकी है। आज हमारे उद्योगों की वैश्विक स्तर पर पहचान है। जरूर इस बात की है कि सभी उद्योग एमएसएमई के साथ जुड़कर एकजुटता से काम करें तो हमें वैश्विक स्तर पर कोई चैलेंज करने से पहले सौ बार सोचेगा। उन्होंने कहा कि उदयपुर में 2016 में कोटि की स्थापना हुई थी। उन्होंने सभी उद्यमियों से आह्वान किया कि वह केंद्र और राज्य सरकार की हितकारी योजनाओं की ज्यादा ज्यादा जानकारी लें और उनका लाभ उठाएं।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि वह भी एक उद्यमी है। जितने साल उन्हें राजनीति में हो गए हैं इतने ही साल उन्हें उद्योग जगत में भी हो चुके हैं। इसलिए उद्योग जगत की चुनौतियों और परेशानियों से वह अच्छी तरह से वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से अमेरिका बार-बार भारत को टैरिफ बढ़ाने और अन्य प्रकार के प्रतिबंधों की धमकी दे रहा है उसे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप अपरिपक्व और अकुशल राजनेता है जिन्हें भारत के बारे में पूरा ज्ञान नहीं है। उन्हें पता होना चाहिए कि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर लगातार अग्रसर है। अब भारत इतना आत्मनिर्भर है कि उन्हें अमेरिका की किसी भी धमकी से या प्रतिबंध से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है।
आज भारत के निर्माण में जितना योगदान कृषि क्षेत्र का है उतना ही योगदान एमएसएमई का भी है। एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बन चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारा देश कोरोना जैसी महामारी पर विजय प्राप्त कर गया तो फिर अमेरिका की धमकियां तो कोई मायने ही रखती है। भारत नहीं झुकेगा यह बात अमेरिका भी जानता है लेकिन डराने धमकाने का उसका स्वभाव पुराना है वह इतनी आसानी से जा नहीं सकता।
उदयपुर अध्यक्ष मनीष भानावत ने सभी का आभार और धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार और समाज दोनों को मिलकर एमएसएमई का जिस तरह से सहयोग किया जा रहा है उसे वाकई में एमएसएमई देश के अर्थव्यवस्था की रीढ की हड्डी साबित हो रही है। उदयपुर में यह दो दिवसीय आयोजन सफलता के नए आयाम छूएगा और इससे जो भी अच्छी बातें निकाल कर आएगी वह देश विकास में मिल का पत्थर साबित होगी।
राजस्थान फोर्टी शाखा के चेयरमैन प्रवीण सुथार ने बताया कि प्रथम दिन आयोजित हुए तकनीकी सत्रो में विक्रेता विकास कार्यक्रम, क्रय आवश्यकताओं, ऑनलाइन विक्रेता नामांकन प्रक्रिया और विक्रेता योग्यता मानदंड पर राष्ट्रीय समिति सदस्य आईसीसी राष्ट्रीय समिति सदस्य भरतपुर के अनुराग गर्ग, आलोक कुमार चौरसिया चित्तौड़गढ़ के आईओसीएल द्वारा, उप महाप्रबंधक, रील, जयपुर के महेन्द्र सिंह,उप महाप्रबंधक (सीएमएम) एनपीसीआईएल के हेमंत कुमार,बीपीसीएल के राजेश गहलोत,ओएनजीसी के प्रबंधक सुनील जौहरे,एफसीआई के डिवीजन मैनेजर, भारतीय खाद्य निगम, उदयपुर के रामफूल मीणा,सिडबी योजना पर अभय कुमार जैन, उप महाप्रबंधक, सिडबी (उदयपुर शाखा),व्यापार प्राप्य छूट प्रणाली (टीआरईडीएस) के कॉर्पोरेट संबंध प्रबंधक (उत्तर), रिसीवेबल्स एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (आरएक्सआईएल) के प्रजय शुक्ला, एमएसएमई संबंध एवं समाधान पोर्टल के एमएसएमई मंत्रालय के सहायक निदेशक के संजय मीणा अपेन विचार रखें। उसके बाद खुला सेशन आयोजित हुआ। दोपहर बाद उद्योगपतियों की सफलता की कहानी बतायी गई। मंच संचालन फोर्टी के कार्यक्रम कोर कमेटी समन्वयक, मनोज जोशी ने किया। फोर्टी के संरक्षक सुरजाराम मील ने सफलता की कहानी बताई।


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