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संस्कृतभारती उदयपुर विभाग द्वारा 3 जून से आवासीय भाषाबोधन वर्ग

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24 May 26
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संस्कृतभारती उदयपुर विभाग द्वारा 3 जून से आवासीय भाषाबोधन वर्ग

उदयपुर। भारतीय संस्कृति, वैदिक ज्ञान परंपरा एवं संस्कृत संभाषण को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से संस्कृत भारती उदयपुर विभाग (चित्तौड़ प्रांत) द्वारा दिनांक 3 जून से 8 जून 2026 तक आवासीय संस्कृत भाषाबोधन वर्ग का आयोजन विद्या निकेतन बालिका विद्यालय, हिरण मगरी सेक्टर-4, उदयपुर में किया जाएगा।

वर्ग संयोजक संजय शांडिल्य ने बताया कि वर्ग की व्यवस्था को लेकर बैठक आयोजित की गई जिसमें विभिन्न व्यवस्था पर मंथन के साथ  गया। संस्कृतभारती द्वारा पूर्व वर्षों में आयोजित संभाषण शिविरों की उल्लेखनीय सफलता एवं युवाओं में संस्कृत के प्रति जागृत हुए उत्साह को आगे बढ़ाते हुए इस बार का वर्ग विशेष रूप से भाषा शिक्षण, व्यक्तित्व विकास, भारतीय संस्कार चेतना एवं संगठनात्मक विस्तार की व्यापक संकल्पना को केंद्र में रखकर आयोजित किया जा रहा है।

विशेषताएँ :

🔹 पूर्णतः आवासीय एवं संस्कृतमय वातावरण

🔹 संस्कृत माध्यम से संवादात्मक एवं व्यवहारिक शिक्षण
🔹 दैनिक कार्यक्रमों में योगाभ्यास, प्रार्थना, गीत एवं संस्कार गतिविधियाँ

🔹 खेल-खेल में संस्कृत संभाषण का अभ्यास
🔹 संस्कृत माध्यम से गीत, नाट्य, समूह चर्चा एवं सांस्कृतिक आयोजन
🔹 पंचांग ज्ञान, प्रेरक कथाएँ एवं भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित परिचर्चाएँ
🔹 विद्यार्थियों एवं युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन एवं भारतीयता का विकास
🔹 संस्कृत को व्यवहार की भाषा बनाने का अभिनव प्रयास

वर्ग में विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों, गृहिणियों एवं विभिन्न व्यवसायों से जुड़े संस्कृत अनुरागियों को संस्कृत को सरल, व्यवहारिक एवं संवादात्मक रूप में सीखने का अवसर प्राप्त होगा। शिविर की विशेषता यह रहेगी कि संपूर्ण वातावरण संस्कृतमय होगा, जिसमें दैनिक व्यवहार से लेकर सांस्कृतिक गतिविधियों तक सभी कार्यक्रम संस्कृत माध्यम से संचालित किए जाएंगे।

विभाग संयोजक दुष्यंत नागदा ने बताया कि वर्तमान समय में आवश्यकता केवल संस्कृत पढ़ने की नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने की है। संस्कृत हमारी प्राचीन ज्ञान-विज्ञान परंपरा, भारतीय चिंतन एवं सांस्कृतिक चेतना की मूल आधारशिला है। युवा पीढ़ी यदि संस्कृत संभाषण से जुड़ेगी तो भारतीय जीवन मूल्यों एवं राष्ट्रीय संस्कारों का पुनर्जागरण सहज रूप से संभव होगा।

पूर्व में आयोजित संभाषण शिविरों में प्रतिभागियों ने खेल-खेल में संस्कृत बोलना, शुद्ध उच्चारण, श्लोक पाठ एवं संवाद कौशल का अभ्यास किया था। शिविरों के संस्कृतमय वातावरण ने प्रतिभागियों में आत्मीयता, अनुशासन एवं भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव का भाव विकसित किया। यही कारण है कि संस्कृत भारती के इन वर्गों को समाज के विभिन्न वर्गों से निरंतर प्रोत्साहन एवं सहयोग प्राप्त हो रहा है।

 वर्ग में होंगे विविध सत्र 

*  संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण
*  पंचांग एवं भारतीय कालगणना परिचय
*  योग एवं प्राणायाम
*  संस्कार गीत एवं समूह गान
*  प्रेरक कथाएँ एवं वैदिक चिंतन
*  व्यक्तित्व विकास एवं नेतृत्व निर्माण
*  भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित विशेष परिचर्चाएँ

संस्कृत भारती उदयपुर विभाग के पदाधिकारियों ने अधिकाधिक संस्कृत प्रेमियों, विद्यार्थियों एवं युवाओं से इस आवासीय वर्ग में सहभागिता का आह्वान किया है। आयोजकों के अनुसार यह वर्ग संस्कृत को व्यवहार की भाषा बनाने तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

महानगर मंत्री नरेंद्र शर्मा ने बताया कि इस वर्ग को विभिन्न व्यवस्थाओं के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियो में दुष्यंत नागदा, नरेंद्र शर्मा, श्रीयांश कंसारा, मंगल जैन, डॉ रेनू पालीवाल, रेखा सिसोदिया, कुलदीप जोशी, भूपेंद्र शर्मा, डॉ भगवती शंकर व्यास, चैनशंकर दशोरा, डॉ यज्ञ आमेटा, सत्य प्रिय, जूली सोनी, मीनाक्षी त्रिवेदी, हेमंत कुमार, मनीष कुमार आदि व्यवस्था देखेंगे।


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