जैसलमेर मरूस्थलीय जैसलमेर जिले में आने वाले दिनों में जीरे की बुवाई शुरू हो चुकी है। कृषि विज्ञान केंद्र जैसलमेर पर जीरे की उन्नत किस्म गुजरात जीरा-4 (जी.सी.-4) का बीज किसानों को विक्रय के लिए उपलब्ध है।

       डॉदीपक चतुर्वेदी (वरिष्ठ वैज्ञानिक एव अध्यक्ष), कृषि विज्ञान केंद्रजैसलमेर डॉदीपक चतुर्वेदी ने बताया कि जीरे की जी सी-4 किस्म उखटा रोग प्रतिरोधीबीज सख्तचमकदार  बड़ा होता है एवं वैज्ञानिक तरीकों के साथ इसकी औसत पैदावार 8.75 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक हो सकती हैजो अन्य पारंपरिक किस्मों की तुलना में अधिक है। जीरे की यह किस्म फ्यूजैरियमऑक्सीस्पोरम (थ्नेंतपनउ Ûलेचवतनउऔर अन्य सामान्य जीरा रोगों के प्रति प्रतिरोधी है।

     उन्होनें बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारणयह किसानों को बेहतर और अधिक उपज प्राप्त करने में मदद करता है। इसके साथ ही यह किस्म लगभग 105-110 दिनों में परिपक्व हो जाती है। इसलिए जिन किसान भाईयों को जीरे की इस किस्म का बीज चाहिए तो वे कृषि विज्ञानं केंद्र जैसलमेर पर 400 रुप्रति कि.ग्राकी दर से उपलब्ध है। जो कि स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविधालयबीकानेर द्वारा निर्धारित की गई है। जो कि पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर उपलब्ध होगा।

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