जैसलमेर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार देशभर के 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण ¼Special Intensive Revision – SIR½ 2025-26 की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। इस पहल का प्रमुख उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करना, पात्र मतदाताओं को सम्मिलित करना तथा डुप्लीकेट, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नामों को हटाना है।
जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि जैसलमेर जिले में भी यह प्रक्रिया आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जा रही है। वर्तमान में जिले में कुल 4,93,392 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनका मैपिंग एवं सत्यापन कार्य प्रगति पर है। अब तक लगभग 69 प्रतिशत से अधिक निर्वाचक मैपिंग कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि इस बार की एसआईआर प्रक्रिया वर्ष 2002 की एसआईआर सूची के मानकों के आधार पर संपन्न की जा रही है, जिससे सत्यापन एवं पहचान की प्रक्रिया अधिक सटीक व पारदर्शी बन सकेगी।
विस्तृत कार्यक्रम का विवरण
निर्धारित कार्यक्रमानुसार प्रशिक्षण एवं तैयारी चरण 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2025 तक बीएलओ, बीएलए का प्रशिक्षण, फॉर्म की प्रिंटिंग एवं फॉर्म वितरण किया जाएगा। वहीं, घर-घर परिगणना ¼House to House Enumeration½4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025 तक बीएलओ प्रत्येक घर जाकर मतदाता जानकारी एकत्र करेंगे, फॉर्म भरवाएँगे एवं हस्ताक्षर कराएँगे। इस दौरान किसी प्रकार का कोई दस्तावेज़ नहीं मांगा जाएगा। इसी प्रकार ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन 9 दिसम्बर 2025 को प्राप्त फॉर्म के आधार पर ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। वहीं, दावा एवं आपत्ति अवधि ¼Claim & Objection½ 9 दिसम्बर 2025 से 08 जनवरी 2026 तक मतदाता अपने नाम, पते या विवरण में सुधार के लिए दावा व आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। इसी प्रकार नोटिस फेज 9 दिसम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक अधूरी मैपिंग या अपूर्ण विवरण वाले मतदाताओं को नोटिस जारी कर दस्तावेज़ प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। साथ ही, अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को सभी दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
एनुमेरेशन प्रक्रिया की विशेषताएँ
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक मतदाता को परिगणना फॉर्म दो प्रतियों में दिया जाएगा। एक प्रति मतदाता के पास रिकॉर्ड के लिए एवं दूसरी प्रति बीएलओ को जमा की जाएगी। उन्होंने बताया कि फॉर्म में मतदाता को अपने परिवारजन (माता-पिता, पति/पत्नी) की जानकारी देना आवश्यक होगा ताकि 2002 की एसआईआर सूची से मैपिंग की जा सके। वहीं, जिन मतदाताओं का या उनके परिवार का नाम 2002 की सूची में उपलब्ध है, उनका सत्यापन स्वचालित रूप से मान्य होगा, कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही, उन्होंने बताया कि जिनका नाम 2002 की सूची में नहीं है या यदि आप किसी बाहरी राज्य से आए तो भी हमारा बीएलओ आपको फॉर्म देगा, आपसे पूछेगा कि पिछले एसआईआर में आप कहां रहते थे। जैसा की आप बताएगें कि हम यहां नहीं रहते थे। अन्य राज्य में रहते थे, तो वहां पर भी इलेक्शन कमीशन की वेबसाईट पर समस्त
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