जैसलमेर। दी थार हेरिटेज म्यूजियम के 19 वें स्थापना दिवस पर "जैसलमेर की सांस्कृतिक वैभव "विषय पर परिचर्चा एवं संग्रहालय अवलोकन का आयोजन हुआ।

इस अवसर पर पर्यटन विद् जितेंद्र सिंह राठौड़ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जैसलमेर मरू प्रदेश की लोक संस्कृति, कला एवं विरासत दर्शनीय है।यहां की अपनायत लोक शिक्षा है एवं मूल संस्कृति है। आज इसके संरक्षण की आवश्यकता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी उम्मेद सिंह तंवर ने कहा कि थार हेरिटेज म्यूजियम यहां की लोक संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन है। 

उन्होंने कहा कि संग्रहालय विरासत के विद्यालय होते हैं जहां अवलोकन से ज्ञान एवं बुद्धि में वृद्धि होती हैं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ ओम प्रकाश भाटिया ने जैसलमेर के इतिहास एवं लोक संस्कृति पर विस्तृत व्याख्यान पेश करते हुए कहा कि संग्रहालय हमारे अतीत का साक्षात ज्ञान है। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी रूपचंद सोनी ने कहा की पुरानी संस्कृति एवं सभ्यता को संजोना तपस्या का कार्य है। 

इस अवसर पर संग्रहालय के संस्थापक एवं साहित्यकार लक्ष्मी नारायण खत्री ने संग्रहालय के संघर्ष एवं महता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संग्रहालय ज्ञान के मंदिर होते हैं जहां पर प्रदर्शित वस्तुएं एवं कलाकृतियां संस्कृति की साक्षात तस्वीर पेश करती है। इसलिए जहां भी घूमने जाएं संग्रहालय अवश्य देखना चाहिए। 

इस अवसर पर करणी बाल विद्यालय के विद्यार्थियों के दल ने संस्थापक लक्ष्मीनारायण खत्री के साथ संग्रहालय का अवलोकन किया तथा खत्री ने संग्रहित विरासत की व्याख्या की। 

प्रारंभ में अतिथियों द्वारा सरस्वती का माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। 

कार्यक्रम का संचालन ट्रस्टी घनश्याम खत्री ने किया। इस अवसर पर ललित भार्गव,जीवन खत्री,रतन भार्गव ,गजेंद्र पालीवाल ,पिंकी खत्री,प्रेम जीनगर ,मोहित व्यास इत्यादि उपस्थित थे। 

 

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