उदयपुर। सही समय पर जाँच, सटीक निदान और टीम वर्क किसी भी जटिल बीमारी के सफल उपचार की आधारशिला है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के अस्थि रोग एवं एण्डोक्राइनोलॉजी विभाग ने एक 69 वर्षीय महिला की दुर्लभ ’पेजेट’ बीमारी का सफल उपचार कर उन्हें नया जीवन प्रदान किया है।
पाली निवासी 69 वर्षीय महिला को पिछले काफी समय से हड्डियों में असहनीय दर्द और चलने-फिरने की समस्या से ग्रसित थी। महिला को पहले से डायबिटीज भी थी। परिजनों ने स्थानीय चिकित्सक को दिखाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। परिजन महिला को पीएमसीएच लेकर आए जहॉ एण्डोक्राइनोलॉजी विभाग के डॉ.सौरभ गुप्ता को दिखाया तो जॉच कराने पर पता चला कि वह पेजेट रोग से पीड़ित है। यह एक दुर्लभ स्थिति है जिसमें हड्डियां अंदर से खोखली और बेहद कमजोर हो जाती हैं, जिससे उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ.रोहित ने बताया कि यह एक ऐसी दुर्लभ स्थिति है जिसमें हड्डियां अंदरूनी रूप से कमजोर और भंगुर हो जाती हैं। इसी कमजोरी के कारण महिला को ’पैथोलॉजिकल फ्रैक्चर’ हो गया था। इस प्रकार के फ्रैक्चर का ऑपरेशन सामान्य हड्डियों की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि हड्डियां अत्यधिक नाजुक होती हैं।
पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में इस महिला का उपचार दो चरणों में किया गया यहाँ एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के डॉ.सौरभ गुप्ता के नेतृत्व में विस्तृत जांचें की गईं। सर्जरी से पहले बीमारी को ’मेटाबॉलिक’ रूप से नियंत्रित करना आवश्यक था ताकि ऑपरेशन के दौरान और बाद में जोखिम कम रहे। तो वही ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डॉ. मेजर रोहित झमनानी और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक सर्जरी को अंजाम दिया। पेजेट रोग के कारण हड्डियां असामान्य और नाजुक थीं, लेकिन टीम ने कुशलतापूर्वक फ्रैक्चर को फिक्स कर दिया।
सर्जरी के बाद महिला बिना किसी जटिलता के स्वस्थ हो गई हैं। एंडोक्रिनोलॉजी और ऑर्थोपेडिक दोनों विभागों की टीमों द्वारा उनकी कड़ी निगरानी की गई। चिकित्सकों ने बताया कि भारत में पेजेट रोग के मामले कम पाए जाते हैं और अक्सर फ्रैक्चर होने तक इनका पता नहीं चल पाता। सही समय पर तालमेल और निदान ही इस सफलता की कुंजी रहा।
मरीज के परिजनों ने अस्पताल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहाँ मिले उच्च स्तरीय उपचार और देखभाल के कारण ही मरीज आज दर्द मुक्त होकर फिर से अपने पैरों पर खड़ी हो पाई हैं।
पीएमसीएच के चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि पीएमसीएच का लक्ष्य मरीजों को एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय मल्टी-स्पेशियलिटी उपचार प्रदान करना है। एण्डोक्राइनोलॉजी और ऑर्थोपेडिक्स विभाग के इस साझा प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों के तालमेल से दुर्लभ से दुर्लभ बीमारियों का इलाज संभव है।
क्या है पेजेट रोग ?
यह हड्डियों की एक दुर्लभ बीमारी है जिसमें शरीर की पुरानी हड्डी के टूटने और नई हड्डी बनने की सामान्य प्रक्रिया बाधित हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप हड्डियां असामान्य रूप से बड़ी, कमजोर और टेढ़ी हो जाती हैं। भारत में इसके मामले कम देखे जाते हैं और अक्सर हड्डियों में दर्द या अचानक फ्रैक्चर होने पर ही इसका पता चलता है। सही समय पर एंडोक्रिनोलॉजी और ऑर्थोपेडिक उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
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’हड्डी रोग’ की दुर्लभ बीमारी पेजेट का पीएमसीएच में सफल उपचार
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