जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबन्धन का प्रत्येक चिकित्सीय संस्थान को विधिवत निस्तारण जरूरी
श्रीगंगानगर : राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीगंगानगर में मंगलवार को एमबीबीएस के छात्रों, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टॉफ व प्रशासनिक अधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण मंडल हनुमानगढ द्वारा कार्यशाला आयोजित कर बायोवेस्ट निस्तारण की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल हनुमानगढ की कनिष्ठ पर्यावरण अभियन्ता श्रीमती मनीषा चौधरी एवं ईटेक प्रोजेक्ट हनुमानगढ व गंगानगर के प्रबन्धक निदेशक श्री धनश्याम राजपुरोहित, डॉ. सतीश लेघा ने भारत सरकार के बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेन्ट एण्ड हैण्डलिंग रूल्स की जानकारी दी। माननीय सर्वोच्य न्यायालय के पर्यावरण को लेकर दिए निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि मानव जीवन के लिए खतरा बने बायोवेस्ट का सीटीएफ के माध्यम से निपटान अनिवार्य है। कार्यशाला में बताया गया कि प्रत्येक चिकित्सीय संस्थान को विधिवत रूप से अपने संस्थान में उत्पन्न घातक बायोवेस्ट का सीटीएफ के माध्यम से निस्तारण करवाना नितान्त आवश्यक है। श्रीमती मनीषा चौधरी ने अवशिष्ट के वर्गीकरण, संग्रहण परिवहन, उपचार एवं निपटान से जुडे दिशा-निर्देशों पर प्रकाश डाला। साथ ही बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेन्ट रूल्स 2016 एवं उनमे किए गए संशोधनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला में जानकारी दी गई कि बायोवेस्ट के लिए निर्धारित लाल रंग, पीला व नीले रंग के बैग में कौन-कौन सा बायोवेस्ट चिकित्सीय संस्थान द्वारा संग्रहित कर प्रत्येक संस्थान में एक निर्धारित स्थान पर सुरक्षित संग्रहित करना होगा। सीटीएफ द्वारा 48 घण्टे में बायोवेस्ट का निस्तारण किया जाएगा। इस अवसर पर कॉलेज के प्रिंसीपल श्री पी.के. बेरवाल, डॉ. प्रगति ग्रोवर, डॉ. सारांश मित्तल, डॉ. कैलाश, डॉ. सी.के. काम्बले, डॉ. हरमीत उपस्थित थे।
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