बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने दी जानकारी
श्रीगंगानगर।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य श्रीगंगानगर में जारी है। इस संबंध में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सुभाष कुमार की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को एसआईआर की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बीएलए के माध्यम से बीएलओ का सहयोग करने का आह्वान किया गया।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाना है। इससे कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल नहीं रहे। भारत के संविधान द्वारा मतदाता के लिए पात्रता निर्धारित की गई है। इसके अनुसार व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए। वह 18 वर्ष से अधिक आयु का हो। निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी हो। वह व्यक्ति किसी कानून के तहत अयोग्य घोषित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के इस पुनरीक्षण में 2002 की मतदाता सूचियों के आधार पर निर्वाचक मैपिंग की जा रही है। इसके तहत श्रीगंगानगर में अब तक लगभग 66 प्रतिशत से अधिक भौतिक मैपिंग पूर्ण हो चुकी है। विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://election.rajasthan.gov.in के सिटिजन सेन्टर कॉर्नर से मतदाता सूचियों देखी जा सकती है। पूर्व में की गई एसआईआर के सम्पूर्ण भारतवर्ष के डाटा वेबसाइट https://voters.eci.gov.in पर उपलब्ध कराए गए हैं। यहां मतदाता 2002 की राजस्थान की मतदाता सूची एवं अन्य राज्यों की सूचियाँ भी देख सकते हैं। बीएलओ भरे हुए परिगणना प्रपत्र मतदाताओं से प्राप्त कर एईआरओ को जमा कराएंगे।
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं की मैपिंग हो गई है, निर्वाचन आयोग के अनुसार उनसे कोई भी दस्तावेज मांगे जाने की आवश्यकता परिगणना चरण के दौरान नहीं होगी। परिगणना प्रपत्र जमा कराने वाले या आॅनलाइन भरने वाले समस्त मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल होंगे। गणना पूर्ण होने के पश्चात विगत एसआईआर से मिलान या लिंकिंग नहीं होने वाले मतदाताओं को ईआरओ एवं एईआरओ द्वारा नोटिस जारी किया जाकर पात्रता की जांच की जाएगी। इसी के आधार पर पात्र नागरिकों के नाम अंतिम मतदाता सूची में सम्मिलित किए जाएंगे। साथ ही अपात्र पाए गए व्यक्तियों के नाम हटाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण में राजनीतिक दलों एवं उनके प्रतिनिधियों की विशेष भूमिका है। सभी राजनीतिक दल अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करते हुए इनकी सूची उपलब्ध करवायें और इन्हें संबंधित बीएलओ की जानकारी देते हुए मतदाताओं के परिगणना प्रपत्र भरने में सहयोग करें। बीएलए मतदाताओं तक विशेष गहन पुनरीक्षण की जानकारी पहुँचाने, जनजागरण करने एवं मतदाताओं को फॉर्म भरने में सहयोग देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बीएलए प्रतिदिन 50 परिगणना प्रपत्र प्रमाणित कर बीएलओ को जमा करवा सकते हंै।
 उन्होंने बताया कि 4 नवम्बर से आरम्भ एसआईआर के तहत 4 दिसम्बर तक घर-घर गणना प्रपत्र के वितरण एवं संग्रहण का कार्य होगा। ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रारूप का प्रकाशन 9 दिसम्बर 2025 को किया जाएगा। 9 दिसम्बर से 9 जनवरी 2026 तक दावे एवं आपत्तियां ली जायेंगी। 9 दिसम्बर से 31 जनवरी 2026 तक नोटिस फेज रहेगा, जिसमें सुनवाई एवं सत्यापन कार्य किया जायेगा। इसके उपरांत 7 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जायेगा। ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए अनुपस्थित, स्थानान्तरित, मृत एवं डुप्लीकेट नामों की सूची निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर जारी की जाएगी। इसके बाद नागरिक अपने नाम जुड़वाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2002 की मतदाता सूची से मिलान एवं लिंक से वंचित मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। निर्वाचक के रूप में उनकी पात्रता सुनिश्चित करने के लिए दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। बैठक में उपस्थित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को एसआईआर प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की विस्तृत जानकारी देते हुए उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यह विशेष पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे गणना प्रपत्र अवश्य भरें और मतदाता सूची में अपनी जानकारी की पुष्टि करें।
इस अवसर पर गंगानगर एसडीएम श्री नयन गौतम, भारतीय जनता पार्टी से श्री रतन लाल गणेशगढ़िया और श्री रमेश छाबड़ा, आईएनसी से श्री भीमराज डाबी और श्री जसमीत सिंह, आम आदमी पार्टी से श्री शंकर मेघवाल, सीपीआईएम से श्री विजय रेवाड़ और श्री वकील सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

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