मुख्यमंत्री ने जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

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Published on : 30 Dec, 25 05:12

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में 78वीं सेना दिवस परेड और अन्य कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह पहली बार है जब यह आयोजन सैन्य छावनी की सीमाओं के बाहर आयोजित किया जा रहा है।
श्री शर्मा ने भारतीय सेना को प्रत्येक नागरिक का गौरव और सम्मान बताया तथा कहा कि सेना की परेड, बलिदान और समर्पण के कारण हम सभी सुरक्षित महसूस करते हैं। यह परेड केवल जयपुर के लिए नहीं, बल्कि पूरे राजस्थानियों के लिए सेना के अटूट राष्ट्रीय गौरव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने राज्यवासियों से 15 जनवरी को जगतपुरा के महाल रोड पर होने वाली परेड में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की, ताकि सेना के शौर्य को निकट से जाना जा सके।
मुख्य विशेषताएं:
• 15 जनवरी को मुख्य परेड में मार्शल आर्ट्स प्रदर्शन, हेलीकॉप्टर फ्लाई-पास्ट, मार्च, टैंक, मिसाइलें, ड्रोन तकनीक और आधुनिक युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन होगा।
• नेपाल सेना बैंड भी परेड में भाग लेगा।
• 9, 11 और 13 जनवरी को जनता के लिए रिहर्सल आयोजित होंगे।
• मुख्य परेड और रिहर्सल प्रत्येक दिन लगभग 1.5 लाख दर्शक देखेंगे।
• स्कूल-कॉलेज के छात्रों, महिलाओं, पूर्व सैनिकों और आम जनता के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सेना के साथ समन्वय कर बैठने, परिवहन, ट्रैफिक, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त कार्यक्रम:
• शौर्य संध्या 2026: 15 जनवरी को एसएमएस स्टेडियम में (10 जनवरी को रिहर्सल), जिसमें फर्स्ट डे कवर का अनावरण, शहीद परिवारों का सम्मान, पारंपरिक युद्ध कलाओं का प्रदर्शन, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भव्य लाइट एंड साउंड शो तथा 1000 ड्रोनों का प्रदर्शन शामिल होगा।
• नो योर आर्मी प्रदर्शनी: 8 से 12 जनवरी 2026 तक सिकर रोड स्थित भवानी निकेतन कॉलेज परिसर में, जहां नागरिक सेना की आधुनिक हथियार प्रणालियों और रक्षा तकनीकों को निकट से देख सकेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, सप्त शक्ति कमांड के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, पुलिस महानिदेशक रवि कुमार शर्मा तथा राज्य सरकार और सेना के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
श्री शर्मा ने कहा कि यह आयोजन भारतीय सेना और नागरिकों के बीच विश्वास, जुड़ाव और सम्मान के बंधन को और मजबूत करेगा।


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