श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर डाॅ. मंजू एवं जिला पुलिस अधीक्षक डाॅ. अमृता दुहन के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत गुरुकुल कोचिंग संस्थान में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री विक्रम ज्याणी ने बताया कि नशा किसी का दोस्त नहीं होता, यह सपनों का सबसे बड़ा दुश्मन है। आज का युवा अगर एक बार मजबूती से ‘ना’ कह दे, तो नशे की पूरी व्यवस्था हिल सकती है। याद रखिए नशा करना भी एक चुनाव है और उससे दूर रहना भी। फर्क सिर्फ इतना है कि एक चुनाव जिंदगी छीन लेता है, दूसरा जिंदगी बना देता है।” उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन के वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार नशा पढ़ाई, परिवार, करियर और आत्मसम्मान को धीरे-धीरे निगल जाता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्रों को भी इस अंधेरे से बाहर निकालने का साहस दिखाएं।
कार्यक्रम में श्री परविन्द्र मित्तल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा मुक्त समाज की नींव युवाओं के सही निर्णयों पर टिकी है। संचालक श्री विकास छींपा ने कहा कि प्रशासन और पुलिस कानून से ही नहीं, बल्कि युवाओं के संकल्प से ही इस लड़ाई को जीत सकते हैं। इसलिए आपको एक युवा लीडर बनकर इनका साथ देना चाहिए। कार्यशाला के अंत में सभी विद्यार्थियों ने हाथ उठाकर सामूहिक शपथ ली कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे, नशे के खिलाफ आवाज उठाएंगे और अपने परिवार व समाज को नशा मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। पुलिस कांस्टेबल श्री प्रवीण कुमार ने साइबर सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के लिए युवाओं को जागरूक किया।