हाड़ोती में पर्यटन विकास के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की पहल और प्रयास से 2 जनवरी 26 से आयोजित तीन दिवसीय हाड़ोती ट्रैवल मार्ट के आयोजन पर विशेष....
चंबल रिवर फ्रंट के साथ ऑक्सीजोन पार्क , गराडिया महादेव, गेपरनाथ, कोटा गढ़ - माधोसिंह म्यूजियम, सेवन वंडर पार्क, जग मंदिर किशोर सागर , छत्र विलास उद्यान, चंबल उद्यान, हाड़ोती यातायात पार्क, गणेश उद्यान, मथुराधीश मंदिर , शिवपुरी धाम सहित कई दर्शनीय स्थल हैं। """
कोटा के चंबल रिवर फ्रंट पर मस्ती के कई आकर्षण हैं। चंबल नदी में बोट की सवारी का पानी की लहरों पर आनंद लेते हुए रात्रि में घूमना लगता है जैसे किसी स्वप्नलोक की सैर कर रहे हो। दिन में गोल्फ कार में घूमते हुए मनभावन कलाकृतियों से सजे रिवर फ्रंट को देखने का अपना ही मजा है। रात्रि में अजब-अनूठा एल.ई.डी. लाइट गार्डन अपनी विचित्र और खूबसूरत लाइटों की रंगबिरंगी रोशनी से खूब लुभाता है। वाटर पार्क में विभिन्न अनूठी राइडों से फिसलते हुए नहाने का अपना मजा है । कई प्रकार के संगीतमय फाउंटेन जब बार-बार अपना रंग और रूप बदलते हैं तो मन को खूब आनंदित करते हैं।
मगरमच्छ की आकृति पर बनाया शुभंकर, खूबसूरत शेर, ऊंट, घोड़े देख कर सैलानी आनंदित होते हैं। एक ऐसा साधु जो योग मुद्रा में बैठा है, एक विशेष कोण से देखने पर गायब हो जाता है तो आश्चर्य की सीमा नहीं रहती और उत्सुकता बढ़ जाती है। जवाहर लाल नेहरू जी का विशाल चेहरा ,आकाश छूती चंबल माता की मूर्ति और विशाल शिव का वाहन नंदी की मूर्ति देख कर आश्चर्य होता है। रंगमंच घाट पर लोक कलाकारों के नृत्य - संगीत भी इतना आनंदित करते हैं कि देखने वाले उनके साथ नाचने लगते हैं। रात्रि में रंगबिरंगी रोशनी से जगमग और नदी में हजारों प्रतिबिंबों से मनोहारी दृश्य दिल और दिमाग पर यादगार जादू बिखेरते हैं । इतना मनोरंजन एक साथ हो तो मन यहां आने के लिए ललचाएगा ही । देश - विदेश की प्रसिद्ध इमारतों की परिकल्पनाओं से ज्ञानवर्धन होने के साथ-साथ स्वास्थ्य मनोरंजन भी होता है।
चंबल रिवर फ्रंट चंबल नदी के पूर्व और पश्चिम दिशा में तीन-तीन कुल छः किलोमीटर में बना है। इसमें 26 आकर्षक घाट हैं, हर एक की अपनी विशेषता है। पूर्वी घाट की ओर जापान,चीन, थाईलैंड ,दक्षिणी भारत के कारीगरी पूर्ण भवनों का रूप लुभावना है। इसी घाट पर बना पृथ्वी की गोल संरचना ग्लोबल रचना देखते ही बनती है।
एक छोर पर विश्व की सबसे ऊंची 40 मीटर ऊंची चंबल माता की श्वेत प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र है जो अपने हाथों में कलश थामे है जिस से जलधारा बहती रहती है। हर शाम चंबल माता जी आरती की जाती है। रात्रि में यहां का दृश्य अपने रंगबिरंगे संगीतमय फाउंटेन्स से बेहद सुंदर हो जाता है। प्रतिदिन यहां आयोजित लाइट एंड साउंड कार्यक्रम और रात्रि में रंगबिरंगे नजारों के बीच नौकायन तो अविस्मरणीय होता ही है।
चंबल माता की मूर्ति के पीछे की रचना मुकुट महल कारीगरी पूर्ण राजपूत भवनों का समूह सुंदर नमूना है। हाड़ोती घाट पर हाड़ोती के खूबसूरत वास्तुकला के नमूने गढ़ महल का प्रवेश द्वार गणेश पोल, बूंदी की चौरासी खंभों की छतरी, पन्ना धाय एवं हाड़ी रानी की गनमेटल मूर्तियां तथा राजस्थान के इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका वाली महिलाओं की मूर्तियां हाड़ोती घाट की शोभा हैं।
इसी घाट के दूसरे छोर पर कलात्मक छतरियां, जल की बावड़ियां, और उद्यानों के लैंडस्केप खूबसूरत हैं। छोटी - बड़ी समाद को भी इसी घाट से लिंक कर जोड़ दिया गया है। इनमें कई कारीगरीपूर्ण हिंदू धार्मिक मंदिर और छतरियां दर्शनीय हैं। साहित्य घाट पर पर एक खुली किताब है जो महान साहित्यकारों तुलसीदास, सूरदास, कबीर, महादेवी वर्मा,मुंशी प्रेम चंद और अन्य के बारे में परिचय कराती है। नौकायन द्वारा पूर्वी घाट से पश्चिमी घाट पर पहुंचा जा सकता है।
रिवर फ्रंट के पश्चिमी की ओर घाट पर जवाहर घाट पर पंडित जवाहर लाल नेहरू का गनमेटल का 10 मीटर ऊंचा चेहरा बनाया गया है। बच्चें इनकी आंखों से रिवर फ्रंट के नजारे देख सकते हैं। गीता घाट पर गीता के 700 श्लोक मार्बल शिला में संस्कृत, हिंदी एवं अंग्रेजी तीन भाषाओं में उकेरें गए हैं। रोशन घाट पर मुस्लिम स्थापत्य में नीले रंग के जन्नती दरवाजे पर तुर्किश कला के नमूने बनाए गए हैं। यहां के घाटों पर राजस्थान के मारवाड़, मेवाड़, ढूंढाड़, बांगड़, शेखावाटी एवं हाड़ोती का प्रतिनिधित्व करने वाले स्मारक पोदार हवेली, गणगौर घाट, हवामहल, विजय स्तंभ, ब्रह्मा मंदिर, रणकपुर, पटवो की हवेली, गणेश पोल, हवामहल आदि खूबसूरत संरचनाएं देखते ही बनती हैं। पश्चिम की ओर आखरी किनारे पर रंगबिरंगी लाइटों का अद्भुत एल ई डी गार्डन की रंगत देखते ही बनती है।
पर्यटकों के लिए आकर्षक चंबल रिवर फ्रंट भारत के अन्य रिवर फ्रंट में सब से अधिक सुंदर हैं। कोटा शहर में चंबल नदी के किनारे कोटा बैराज के डाउन स्ट्रीम पर स्थित है।