टोटल नी रिप्लेसमेंट (टीकेआर) के बाद की 5 प्रमुख त्रुटियाँ

( 1286 बार पढ़ी गयी)
Published on : 03 Jan, 26 17:01

टोटल नी रिप्लेसमेंट (टीकेआर) के बाद की 5 प्रमुख त्रुटियाँ

टोटल नी रिप्लेसमेंट (टीकेआर) शल्यक्रिया के उपरांत रोगी की पुनर्वास प्रक्रिया केवल ऑपरेशन तक सीमित नहीं रहती। घुटने की पूर्ण कार्यक्षमता की पुनर्प्राप्ति के लिए वैज्ञानिक फिजियोथेरेपी, नियंत्रित व्यायाम तथा उचित सावधानियाँ अत्यंत आवश्यक होती हैं। जानकारी के अभाव में की गई कुछ सामान्य भूलें पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) की गति को धीमा कर सकती हैं।
1. फिजियोथेरेपी को टालना या अनियमित रखना: शल्यक्रिया के बाद फिजियोथेरेपी न करना सबसे सामान्य और गंभीर त्रुटि है। इससे घुटने के जोड़ में जकड़न (स्टिफ़नेस) बढ़ जाती है तथा चलने-फिरने की क्षमता (मोबिलिटी) प्रभावित होती है। नियमित फिजियोथेरेपी से जोड़ों की गतिशीलता, मांसपेशीय शक्ति और संतुलन में सुधार होता है, जिससे रिकवरी तीव्र होती है।
2. दर्द के भय से घुटने को न मोड़ना: कई रोगी प्रारंभिक चरण में दर्द के डर से घुटने को मोड़ने से बचते हैं। यह आदत घुटने में स्थायी जकड़न का कारण बन सकती है। फिजियोथेरेपी सिद्धांतों के अनुसार, प्रारंभिक दिनों में नियंत्रित घुटना मोड़ (कंट्रोल्ड नी  बेंडिंग) आवश्यक होती है, जिसे प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट की देखरेख में करना चाहिए।
3. लंबे समय तक एक ही अवस्था में बैठे या लेटे रहना: लंबे समय तक निष्क्रिय रहना पुनर्वास के लिए हानिकारक है। इससे सूजन, मांसपेशीय दुर्बलता और जोड़ों की अकड़न बढ़ सकती है। हल्की पैदल चाल, एंकल–टो मूवमेंट, तथा समय-समय पर शरीर की स्थिति बदलना रक्तसंचार को बेहतर बनाता है और रिकवरी में सहायक होता है।
4. आवश्यकता से अधिक गतिविधि करना: शल्यक्रिया के तुरंत बाद अत्यधिक चलना, सीढ़ियाँ चढ़ना या लंबे समय तक खड़े रहना भी एक बड़ी भूल है। इससे घुटने के कृत्रिम जोड़ पर अनावश्यक दबाव पड़ता है,
जिसके परिणामस्वरूप दर्द और सूजन बढ़ सकती है। पुनर्वास प्रक्रिया सदैव क्रमिक एवं चरणबद्ध होनी चाहिए।
5. चेतावनी संकेतों की उपेक्षा करना: दर्द, सूजन या असहजता को नज़रअंदाज़ करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। हल्का दर्द और सीमित सूजन सामान्य हो सकती है, किंतु यदि सूजन बढ़ती जाए, घुटने में लालिमा या गर्माहट हो, अथवा दर्द लगातार तीव्र होता जाए, तो तुरंत फिजियोथेरेपिस्ट या विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
निष्कर्ष
टोटल नी रिप्लेसमेंट के बाद सफल और सुरक्षित पुनर्वास के लिए धैर्य, सही मार्गदर्शन, वैज्ञानिक फिजियोथेरेपी तथा नियमित व्यायाम अनिवार्य हैं। उचित देखभाल से रोगी पुनः सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन की ओर लौट सकता है।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.