ओसवाल सभा चुनाव: मतदाता सूची में खामियों के चलते चुनाव संयोजकों का इस्तीफा, निष्पक्षता पर उठे सवाल

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Published on : 07 Jan, 26 13:01

ओसवाल सभा चुनाव: मतदाता सूची में खामियों के चलते चुनाव संयोजकों का इस्तीफा, निष्पक्षता पर उठे सवाल

उदयपुर।ओसवाल सभा के आगामी चुनावों में मतदाता सूची में गंभीर खामियों, आवश्यक सूचनाओं के अभाव और सुधार के लिए अपर्याप्त समय दिए जाने के चलते चुनाव संयोजक श्री आनंदीलाल बम्बोरिया एवं श्री प्रसन्नचंद्र लसोड़ ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दोनों संयोजकों ने यह कहते हुए इस्तीफा निवर्तमान अध्यक्ष श्री प्रकाश कोठारी एवं उनकी कार्यपरिषद को सौंपा कि निर्धारित तिथि तक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं है।

चुनाव संयोजकों के इस्तीफे को लेकर समाज में हलचल है। इसे टीम संजय भण्डारी द्वारा पिछले दस दिनों से मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) की मांग को बल मिलने के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही, आगामी चुनावों की निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है। आरोप है कि अध्यक्ष श्री प्रकाश कोठारी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं और सभा के संविधान व चुनाव नियमों की अनदेखी करते हुए चुनाव कराने पर आमादा हैं।

समाज की बैठक में कड़ा विरोध

आज सुबह ओसवाल सभा परिसर में समाज के प्रबुद्धजनों की बैठक हुई, जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित सदस्यों ने चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप को लेकर अध्यक्ष श्री प्रकाश कोठारी पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। कुछ प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि उन्हें धमकाया जा रहा है तथा नामांकन भरने और चुनाव के बाद “नतीजा भुगतने” की चेतावनी दी जा रही है।

आरोपों के अनुसार, श्री कोठारी ने अब तक पांच बार मतदाता सूची बदल-बदल कर प्रकाशित करवाई, तीन बार चुनाव संयोजक और दो बार चुनाव अधिकारी बदले। उम्मीदवारों को धमकाने और प्रक्रिया में हस्तक्षेप से समाज में आक्रोश और रोष व्याप्त है।

संजय भण्डारी के आरोप

अध्यक्ष पद के प्रत्याशी संजय भण्डारी ने कहा कि श्री प्रकाश कोठारी के तानाशाही, हठधर्मी और मनमाने रवैये के कारण समाज दो धड़ों में बंट गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव संयोजक टीम की सहमति के बिना नई मतदाता सूची जारी की गई, जिसमें पिछली सूची की तुलना में मतदाताओं की संख्या बढ़ा दी गई है। कई सदस्यों के पते उदयपुर के बाहर दर्शाए गए हैं और उम्र का उल्लेख तक नहीं है। उनका कहना है कि इससे प्रतीत होता है कि निष्पक्ष चुनाव की मंशा नहीं है और किसी भी तरह से जीत हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

बड़ी संख्या में सदस्य रहे मौजूद

बैठक में नानालाल वया, मनीष गलुंडिया, निर्मल पोखरना, अनिल मेहता, सुधीर मेहता, राजकुमारी गन्ना, हेमंत मेहता, अनिल जारोली सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इसके अलावा सतीश कच्छारा, सोनू नागोरी, भावना नागोरी, मनीष गन्ना, रेणु मेहता, संतोष मेहता, अनामिका चौधरी, नीतू कच्छारा, अरविंद जारोली, अजय धींग, प्रशांत भण्डारी, कमलेश वया, महेश कोठारी, मणिलाल भाणावत, कैलाश मुर्डिया, रवि प्रकाश देरासरिया, रमेश कोठारी, ललित भण्डारी, राकेश बया, कुलदीप मेहता, अंकुर मुर्डिया, चिराग मेहता, सौरभ मेहता, अनीता भाणावत, नवरतन कोठारी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

समाज के सदस्यों ने मांग की कि मतदाता सूची का पारदर्शी पुनरीक्षण कराकर ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए, ताकि ओसवाल सभा में विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना हो सके।


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