राजस्थानी सिनेमा विकास संघ ने की पर्यटन फिल्म प्रोत्साहन नीति–2025 की सराहना

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Published on : 07 Jan, 26 18:01

राजस्थान सरकार ने की इनिशिएटिव फिल्मों को मिलेगा 3 करोड़ रुपये तक का इंसेंटिव

राजस्थानी सिनेमा विकास संघ ने की पर्यटन फिल्म प्रोत्साहन नीति–2025 की सराहना

उदयपुर। राज्य सरकार द्वारा पिछले दिनों फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और तकनीशियनों को नए वर्ष की सौगात देते हुए पर्यटन फिल्म प्रोत्साहन नीति–2025 जारी की गई थी।  इस नीति के तहत राजस्थान को एक प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिससे स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

इस संबंध में उदयपुर के 100 फीट रोड स्थित अशोका पैलेस में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्माणाधीन फिल्म उधड़न के निर्माता एवं उदयपुर में फिल्म सिटी की स्थापना के लिए प्रयासरत मुकेश माधवानी तथा राजस्थानी फिल्मों के निर्माता-निर्देशक एवं राजस्थानी सिनेमा विकास संघ के संरक्षक विपिन तिवारी मौजूद रहे। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा जारी पर्यटन फिल्म प्रोत्साहन नीति–2025 की सराहना करते हुए कहा कि नई नीति से पर्यटन फिल्म को प्रोत्साहन मिलेगा। विपिन तिवारी ने बताया कि नई नीति के प्रचार प्रसार के लिए प्रदेश में राजस्थानी सिनेमा विकास संघ की ओर से अभियान भी चलाया जाएगा।

निर्माणाधीन फिल्म उधड़न के निर्माता एवं उदयपुर में फिल्म सिटी की स्थापना के लिए प्रयासरत मुकेश माधवानी ने बताया कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मांडव में बहुचर्चित फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति–2025 को आमजन के लिए जारी किया था। इस नीति में पूर्व की फिल्म नीति में संशोधन करते हुए हिंदी और राजस्थानी फिल्मों के लिए इंसेंटिव राशि को 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये तक कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि पहले हिंदी फिल्मों को 15 प्रतिशत और राजस्थानी फिल्मों को 25 प्रतिशत तक इंसेंटिव दिया जाता था, जबकि अब राजस्थान के पर्यटन स्थलों पर शूटिंग करने वाली हिंदी फिल्में, वेब सीरीज, टीवी सीरियल और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों को 30 प्रतिशत तक इंसेंटिव दिया जाएगा।

राजस्थानी फिल्मों के निर्माता-निर्देशक एवं राजस्थानी सिनेमा विकास संघ के संरक्षक विपिन तिवारी ने बताया कि स्थानीय भाषा में बनने वाली राजस्थानी फिल्मों के लिए इंसेंटिव 25 प्रतिशत से बढ़ाकर लगभग 35 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके लिए न्यूनतम बजट सीमा एक करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। नीति में फिल्मों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया है। राजस्थान में अधिक शूटिंग करने वाली फिल्मों को बजट के अनुसार अनुदान प्रदान किया जाएगा। नई नीति के तहत हिंदी फिल्मों को कम से कम 200 सिनेमा स्क्रीन, राजस्थानी फिल्मों को न्यूनतम 25 स्क्रीन और अन्य भाषाओं की फिल्मों को 100 सिनेमा स्क्रीन पर प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।

उन्होंने बताया कि पर्यटन, पुरातत्व, वन एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीन शूटिंग स्थलों पर फिल्मांकन के लिए अधिकतम पांच दिवस तक शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है। राजस्थान में शूटिंग करने वाली हिंदी फिल्मों के लिए न्यूनतम बजट 3 करोड़ रुपये, वेब सीरीज और टीवी सीरियल के लिए 2 करोड़ रुपये तथा डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के लिए 1.5 करोड़ रुपये की सीमा तय की गई है।

मुकेश माधवानी ने बैठक में कहा कि उदयपुर अब फिल्मकारों का पसंदीदा शूटिंग स्पॉट बनता जा रहा है। कई फिल्म निर्माताओं द्वारा यहां रेकी की जा चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वहीं, विपिन तिवारी ने इस नीति को राजस्थान फिल्म उद्योग के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह नीति झारखंड, उत्तराखंड, हरियाणा और मध्यप्रदेश जैसी अन्य राज्यों की नीतियों से भी बेहतर है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में बॉलीवुड की दर्जनों फिल्मों को लगभग 6 करोड़ रुपये तक का इंसेंटिव दिया गया है, जबकि राजस्थानी भाषा की दो फिल्मों को 27 लाख रुपये का इंसेंटिव जारी किया गया। उन्होंने कहा कि यह नीति राजस्थान को एक सशक्त पर्यटन-फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करेगी और स्थानीय फिल्म निर्माताओं, कलाकारों एवं तकनीशियनों को रोजगार के व्यापक अवसर प्रदान करेगी।


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