पारस हेल्थ उदयपुर ने घुटने की एडवांस्ड रिवीजन टीकेआर से जगाई नई उम्मीद 

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Published on : 08 Jan, 26 05:01

एडवांस्ड रिवीजन नी रिप्लेसमेंट प्रक्रिया अब उदयपुर में डॉ. आशीष सिंघल के आर्थोपेडिक लीडरशिप के तहत उपलब्ध  

पारस हेल्थ उदयपुर ने घुटने की एडवांस्ड रिवीजन टीकेआर से जगाई नई उम्मीद 

उदयपुर।  दक्षिण राजस्थान के प्रमुख हेल्थकेयर संस्थानों में से एक पारस हेल्थ ने रिवीजन टोटल नी रिप्लेसमेंट (रिवीजन टीकेआर) सर्जरी की सुविधा देकर एडवांस्ड ऑर्थोपेडिक केयर में नया आयाम जोड़ा है। इस पहल से उन मरीजों में नई उम्मीद जगी है जिनकी पिछली नी रिप्लेसमेंट सर्जरी संक्रमण होने, इम्प्लांट ढीला होने, चोट या मैकेनिकल घिसाव जैसी समस्याओं की वजह से फेल हो गई थी। प्राइमरी घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी सामान्य तौर पर 20 से 30 सालों तक आराम देती है, लेकिन उम्र, शरीर के सक्रिय रहने की दर या बीमारियों की वजह से कम लेकिन बढ़ते हुए मरीज़ों को रिवीजन प्रोसीजर की ज़रूरत पड़ती है। रिवीजन टीकेआर एक बहुत ही स्पेशलाइज़्ड और टेक्निकली जटिल सर्जरी होती है जिसमें खराब हो चुके इम्प्लांट को हटाकर एडवांस्ड प्रोस्थेटिक्स और सटीक सर्जिकल प्लानिंग का इस्तेमाल करके जॉइंट को फि र से बनाया जाता है। अब यह इलाज़ उदयपुर में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से उदयपुर और आस-पास के इलाकों के मरीज़ों को मेट्रो शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा, उन्हें यहीं उनके शहर में ही घुटने से संबंधित एडवांस्ड इलाज़ मिल सकेगा। इस इलाज़ के बारे में बताते हुए पारस हेल्थ उदयपुर के रोबोटिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन और आर्थोपेडिक डॉ. आशीष सिंघल ने कहा - रिवीजन नी रिप्लेसमेंट सर्जरी पहली बार की गई घुटने की सर्जरी से बहुत अलग होती है। इन केसों में अक्सर हड्डी का नुकसान, स्कार टिश्यू और अस्थिरता शामिल होती है, जिसके लिए सावधानीपूर्वक योजना और बेहतरीन सटीकता की ज़रूरत होती है। रोबोटिक असिस्टेंस को विस्तृत 3डी सर्जिकल प्लानिंग के साथ मिलाकर हम जटिल फेलियर को ज़्यादा सटीकता से ठीक कर पाते हैं और लंबे समय तक अच्छा परिणाम दे पाते हैं। हमारा लक्ष्य सिफऱ्  इम्प्लांट बदलना नहीं होता है, बल्कि मरीज़ों को कम दर्द, बेहतर मूवमेंट और नए आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने में मदद करना भी होता है।
उन्होंने कहा कि सफ ़ल परिणाम तभी ज्यादातर हासिल होता है जब जांच जल्दी होती है। उन्होंने कहा - मरीजों को लगातार होने वाले दर्द, सूजन या घुटने के रिप्लेसमेंट के बाद महसूस होने वाली अस्थिरता को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर इलाज़ शुरू होने से आगे किसी भी डैमेज को होने से रोका जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता में काफ ़ी हद तक सुधार किया जा सकता है। स्थानीय हेल्थकेयर को मज़बूत बनाने के हॉस्पिटल के समर्पण पर प्रकाश डालते हुए पारस हेल्थ उदयपुर के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ प्रसून कुमार ने कहा - हमारा उद्देश्य विश्व स्तरीय हेल्थकेयर सुविधा मरीजों को उनके घर के पास देना है। 


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