उदयपुर:मां माय एंकर फाउंडेशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय उदयपुर टेल्स स्टोरी टेलिंग फेस्टिवल का शुभारंभ शिल्पग्राम रोड स्थित पार्क एक्जोटिका रिसोर्ट में हुआ। पहले ही दिन प्रभावशाली कथावाचन ने सैकड़ों श्रोताओं को कहानियों के साथ आत्मसात होने पर मजबूर कर दिया। बच्चों से लेकर बड़ों तक हर वर्ग दर्शक भावनात्मक रूप से कहानियों से जुड़ा नजर आया।

🌟 बच्चों के बीच विलास जानवे मुख्य आकर्षण के रूप में उभरे।
फेस्टिवल की शुरुआत विलास जानवे द्वारा सुनाई गई रोचक कहानी “छोरा मेवाड़ी, सबसे अगाड़ी” से हुई, जिसे उन्होंने किरण जानवे के साथ प्रस्तुत किया। फुर्तीले, बुद्धिमान और साहसी बालक के चरित्र के माध्यम से इस कहानी में साहस, मानवता, स्वस्थ जीवनशैली, मोबाइल की लत से मुक्ति, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। रहस्य, रोमांच, संगीत और हास्य से भरपूर इस प्रस्तुति ने बच्चों को अंत तक बांधे रखा और उन्हें प्रेरित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों के विशेष सत्र से हुआ, जिसकी मुख्य अतिथि निवृत्ति कुमारी मेवाड़ रहीं। उन्होंने विभिन्न स्कूलों से आए बच्चों से संवाद कर उन्हें कहानियों के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया तथा इस तरह के आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की।
शाम के प्रमुख सत्र में मयूर कलबाग की रहस्यमयी कहानी “अघोरी” ने समाज में अघोरियों को लेकर बनी भ्रांत धारणाओं को तोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि अघोरी समाज का ही हिस्सा हैं और वे शिव आराधक होते हैं। कहानियां समाज की सोच और दृष्टिकोण बदलने की क्षमता रखती हैं।
इसके अलावा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में
अफ्रीकी लोकगीत “आकाश के नीचे”,
बॉलीवुड कलाकार दिव्य निधि शर्मा की समकालीन कहानी “जीवन”,
अभिनेता रजत कपूर की व्यंग्यात्मक प्रस्तुति “कचरे की हिफाज़त” और “मजनू”,
संजुक्ता सिन्हा डांस कंपनी की शास्त्रीय फ्यूजन नृत्य प्रस्तुति “बदलती रेत” ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
फाउंडेशन की संस्थापक सुष्मिता सिंघा ने कहा कि भारत में कहानियों की परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है और डिजिटल युग में ऐसे स्टोरी टेलिंग फेस्टिवल और भी आवश्यक हो गए हैं। कहानी व्यक्ति और समाज दोनों का जीवन बदल सकती है।

दिल्ली से आई स्टोरी टेलर गौरी मेहता ने अपने अनोखे अंदाज में बच्चों के साथ घुल-मिलकर कहानी सुनाई, जिससे बच्चे अत्यंत प्रभावित हुए। वहीं अभिनेता राजेश शिंदे ने अपनी विशिष्ट वेशभूषा और जीवंत प्रस्तुति से “बिट्टू और असुर” कहानी के माध्यम से बच्चों को अंत तक बांधे रखा।
उदयपुर टेल्स के सह-संस्थापक सलिल भंडारी ने बताया कि इस आयोजन को बच्चों एवं अभिभावकों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
✨ विलास जानवे की सशक्त और जीवंत प्रस्तुति के साथ उदयपुर टेल्स ने यह सिद्ध कर दिया कि कहानियां आज भी बच्चों की सोच, कल्पना और संस्कारों को दिशा देने की सबसे प्रभावी माध्यम हैं।