देहदान का ज्ञान दे गए,समाजसेवी ज्ञानेंद्र

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Published on : 10 Jan, 26 18:01

1000 से अधिक लोग साक्षी बने,ज्ञानेंद्र की देहदान के

देहदान का ज्ञान दे गए,समाजसेवी ज्ञानेंद्र

सेवानिवृत्त बैंक कर्मी, महावीर नगर विस्तार योजना निवासी ज्ञानेंद्र विजय का आज सुबह शहर के निजी अस्पताल में आकस्मिक निधन होने के उपरांत,उनके पत्नि कृष्णा,पुत्र आदित्य विजय ने पिताजी की अंतिम इच्छा अनुसार उनका देहदान शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से सुधा मेडिकल कॉलेज,जगपुरा कोटा में संपन्न करवाया ।

ज्ञानेंद्र कर्मठ,सेवा भावी,सद्चरित्र व प्रसन्नचित रहने वाले व्यक्तित्व थे,जिन्होंने 50 वर्ष से अधिक, का समय गायत्री परिवार सेवा ट्रस्ट को दिया। वह गायत्री माता के सच्चे साधक,उपासक और गायत्री परिवार गौशाला के संस्थापक सदस्य थे । 6 वर्ष पूर्व ही ज्ञानेंद्र अपने देहदान का संकल्प पत्र भर,परिवार के सभी सदस्यों को अपनी अंतिम इच्छा को बता चुके थे ।

1000 से,ज्यादा साक्षी बने,ज्ञानेंद्र के देहदान में

निवास स्थान से 1000 से अधिक संख्या में लोगों ने गायत्री मंत्रों से, ज्ञानेंद्र की अंतिम यात्रा को सुधा मेडिकल कॉलेज में पहुंचाया । मेडिकल कॉलेज में भी सभी उपस्थित चिकित्सकों ने पुष्पांजलि करके पार्थिव शव को परिवार से प्राप्त किया ।

संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन की ओर से शोकाकुल परिवार के सदस्यों को एक प्रशस्ति पत्र डॉ विशाल जैन (मेडिकल ऑफिसर सुधा मेडिकल कॉलेज) द्वारा दिया गया ।

देहदान के समय श्री वेद माता गायत्री ट्रस्ट के प्रभा शंकर जी दुबे, गायत्री परिवार गौशाला बन्धा,कोटा के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ,लवकुमार नागर ,हेमलता गांधी,डिवाइन यूथ एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी, वैश्य विजयवर्गीय समाज के अध्यक्ष दिनेश विजयवर्गीय और कोटा शहर के साथ साथ बारां,बूदी, झालावाड़ से विभिन्न सामाजिक,शैक्षणिक, धार्मिक और व्यवसायिक संगठनों से जुड़े हुए प्रतिनिधियों ने पुष्पांजलि अर्पित की ।


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