उदयपुर | केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को समाप्त करने अथवा कमजोर करने के प्रयासों के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान के अंतर्गत उदयपुर में एक दिवसीय मौन उपवास आयोजित किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम उदयपुर देहात जिला कांग्रेस कमेटी एवं उदयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।

यह मौन उपवास दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक कोर्ट चौराहा स्थित डॉ बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके पश्चात महात्मा गांधी और बाबा साहेब के विचारों को स्मरण करते हुए कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से मौन उपवास रखा।
मौन उपवास के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि मनरेगा योजना को समाप्त करने का केंद्र सरकार का फैसला ग्रामीण भारत की रीढ़ पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीब, मजदूर, भूमिहीन किसान और वंचित वर्ग के लिए सम्मानपूर्वक जीवन जीने का आधार है। मनरेगा को कमजोर करने का अर्थ है करोड़ों परिवारों से उनके काम करने के संवैधानिक अधिकार को छीनना।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के नेतृत्व में मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना लागू की गई, जिसने ग्रामीण मजदूरों को आत्मसम्मान के साथ जीने का अवसर दिया। आज केंद्र की भाजपा सरकार इस जनकल्याणकारी योजना को समाप्त कर गरीबों से उनका हक छीनने का काम कर रही है।
रघुवीर सिंह मीणा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से गरीब, मजदूर और किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती आई है और आगे भी पूरी मजबूती से लड़ेगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान को ग्राम पंचायत स्तर तक चलाया जाएगा, ताकि हर गांव में गरीब, मजदूर और भूमिहीन किसानों की आवाज को बुलंद किया जा सके।
उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने भी इस अवसर पर कहा कि मनरेगा जैसी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है और पलायन रोकने में अहम भूमिका निभाती है। इसे खत्म करना सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।
मौन उपवास में पीसीसी उपाध्यक्ष सुरेश श्रीमाली, लोकसभा प्रत्याशी ताराचंद मीणा, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, पीसीसी महासचिव गोपाल शर्मा, पीसीसी सचिव दिनेश श्रीमाली सहित अनेक वरिष्ठ नेता, ब्लॉक अध्यक्ष, प्रधान, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना को बचाने के लिए पार्टी सड़क से लेकर सदन और गांव-गांव तक संघर्ष जारी रखेगी और केंद्र सरकार के किसी भी जनविरोधी फैसले का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।