उदयपुर।महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी), उदयपुर के अधीन प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रकाशित वर्ष 2026 के बहुरंगी एवं बहुउपयोगी कैलेंडर का विमोचन मंगलवार को विश्वविद्यालय के आदरणीय कुलगुरु एवं संरक्षक डॉ. प्रताप सिंह द्वारा किया गया।
इस अवसर पर कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने कहा कि यह कैलेंडर न केवल किसानों बल्कि पशुपालकों के लिए भी अत्यंत उपयोगी दस्तावेज है, जिसमें वर्षभर की महत्वपूर्ण तिथियों, कृषि कार्यों एवं आयोजनों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष का कैलेंडर अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान समृद्धि को समर्पित है, जो कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को पहचान देने और उन्हें सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
मेवाड़–वागड़ अंचल के किसानों के लिए मार्गदर्शक
प्रसार शिक्षा निदेशक एवं मार्गदर्शक डॉ. आर. एल. सोनी ने बताया कि एमपीयूएटी का कैलेंडर किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है। इसमें माहवार कृषि कार्य, फसलों में लगने वाले कीट एवं रोग, उनके नियंत्रण के उपाय तथा अनुशंसित रसायनों की मात्रा की जानकारी दी गई है।
यह कैलेंडर एमपीयूएटी के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केंद्र—बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, उदयपुर द्वितीय एवं भीलवाड़ा द्वितीय से जुड़े किसानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। मेवाड़–वागड़ क्षेत्र के किसानों के लिए यह कैलेंडर एक सच्चा मित्र एवं मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
पशुपालकों के लिए भी उपयोगी
डॉ. सोनी ने बताया कि यह कैलेंडर पशुपालकों के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। इसमें गाय-भैंस, बकरी, मुर्गी, भेड़ एवं ऊँट पालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई हैं, जिससे पशुपालक बीमार पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा घर पर ही कर सकें।
व्यापक और बहुआयामी कैलेंडर
कैलेंडर के संपादक डॉ. योगेश कनोजिया ने बताया कि एमपीयूएटी का यह कैलेंडर अत्यंत व्यापक एवं बहुमुखी है। इसमें:
राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दिवस
तीज-त्योहार
दैनिक जीवन से जुड़ी उपयोगी जानकारियाँ
उन्नत कृषि तकनीकों के सचित्र विवरण
विभिन्न केंद्रों की गतिविधियों की रंगीन झलकियाँ
शामिल की गई हैं। साथ ही, किसानों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण संपर्क नंबर भी दिए गए हैं। यह कैलेंडर किसानों को उत्पादकता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने एवं जलवायु अनुकूल खेती में सहायता प्रदान करेगा।
निर्माण में रहा सहयोग
कैलेंडर के निर्माण में डॉ. अरविंद वर्मा, डॉ. एम. के. महला, डॉ. सुनील जोशी, डॉ. एस. एस. लखावत, डॉ. राजीव बैराठी एवं श्री बी. एस. झाला का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
उपस्थित गणमान्य
विमोचन अवसर पर कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह के साथ डॉ. आर. एल. सोनी, डॉ. योगेश कनोजिया, डॉ. अरविंद वर्मा, डॉ. एम. के. महला, डॉ. लतिका शर्मा, राजीव बैराठी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।