उदयपुर, नेला तालाब पाल, सेक्टर-14 स्थित श्री नीलेश्वर बालाजी धाम में द्वितीय स्थापना दिवस समारोह मंगलवार को भव्य एवं श्रद्धामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे हवन-पूजन से हुई, इसके पश्चात दोपहर 2:15 बजे ध्वजारोहण, 3:20 बजे से संगीतमय सुंदरकांड पाठ तथा शाम 6:30 बजे महाआरती का आयोजन किया गया।
इस पावन अवसर पर महंत श्री पारस माता जी, महंत श्री विराम नाथ जी, महंत श्री सुंदर दास जी, महंत श्री राजू बा, महंत श्री दयाराम जी सहित अनेक साधु-संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री श्री जगदीश राज श्रीमाली, समिति के संस्थापक अध्यक्ष मदन सिंह बाबरवाल सहित बड़ी संख्या में सनातन धर्म व संस्कृति प्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महाआरती में हजारों की संख्या में भक्तों ने भाग लेकर धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। इस अवसर पर संतों एवं वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि
“जल है तो कल है—जल, पहाड़, जंगल और नदियों जैसी हमारी प्राकृतिक विरासत को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
साथ ही सनातन धर्म और संस्कृति को आगे बढ़ाने तथा समाज को धर्म का सही मार्ग दिखाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में समिति के उपाध्यक्ष लाल सिंह देवड़ा, विजयराज सिंह शक्तावत, महामंत्री मदन सालवी, विवेक शर्मा, संगठन मंत्री जय नारायण चौबीस, कोषाध्यक्ष राजकुमार पांड्या, अरुण भटनागर, लाल बहादुर सुहलका, श्यामा चरण शर्मा, गगनदीप कालरा, चुनरी क्लब महिला मंडल, आर्य समाज पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि शीघ्र ही श्री नीलेश्वर बालाजी का भव्य मंदिर निर्माण किया जाए। अंत में सभी श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम के समापन पर संस्थापक अध्यक्ष मदन सिंह बाबरवाल ने सभी अतिथियों, संतों एवं श्रद्धालुओं का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।