मकर संक्रांति पर जैसलमेर में भव्य “पतंग उत्सव” का आयोजन

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Published on : 15 Jan, 26 05:01

मकर संक्रांति पर जैसलमेर में भव्य “पतंग उत्सव” का आयोजन

पतंगबाजों ने आकाश में उड़ाई पतंगें युवाओं एवं बच्चों ने दिखाया उत्साह

जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के अभिनव प्रयास से पतंगबाजों ने उठाया लुत्फ

जैसलमेर मकर संक्रांति के पावन पर्व पर जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जैसलमेर जिले में पहली बार पतंग उत्सव का बुधवार को शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में भव्य आयोजन हुआ जिसमें विशेष रुप से युवाओं  बच्चों काफी उत्साह दिखाया एवं पतंगबाजी का लुत्फ उठाया  मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आयोजित हुए पतंग उत्सव में पारंपरिक लोकसंस्कृतिउल्लास एवं आपसी सौहार्द का नजारा देखा गया। इस मौके पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद रश्मि रानी एवं उपखण्ड अधिकारी जैसलमेर समक्ष गोयल भी उपस्थित रहे एवं उन्होंने भी पतंग उड़ाई एवं संम्भागियों का होसला अफजाई किया एवं सभी को मकर संक्राति पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकमनाएं दी।

         सहायक निदेशक पर्यटक स्वागत केन्द्र कमलेश्वर सिंह ने बताया कि मरु महोत्सव-2026 के  29 से 31 जनवरी एवं 01 फरवरी के चार दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत इसका प्रचार-प्रसार एवं मकर संक्राति पर्व को उमंग के साथ मनाने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा पतंग उत्सव की पहल की गई है ताकि लोग इस उत्सव में शामिल होकर आकाश में पतंग उड़ाने का आनन्द लें एवं भाईचारे का संदेश भी प्रसारित हो।

         बुधवार को पतंग उत्सव में प्रातः 11 00 बजे से ही युवाओं एवं बच्चों का पूनमसिंह स्टेडियम में आना प्रारम्भ हो गया। पर्यटन विभाग द्वारा सभी पतंगबाजों को पतंग एवं मांझा डोर का गट्टा निःशुल्क उपलब्ध करवाया गया। इस उत्सव में सभी ने आकाश में रंग-बिरंगी पतंगों को उड़ाना प्रारम्भ कर दिया एवं मकर संक्राति के पर्व का भरपूर आनन्द लिया एवं वहीं एक-दूसरे ने आकाश में पतंगों की डोर को काटने का भी प्रयास किया एवं डोरों को काटा भी। इस उत्सव में पर्यटन अधिकारी खेमेन्द्र सिंह जाम के साथ ही दर्शकगण भी उपस्थित रहे। मरुश्री धीरज पुरोहित ने मंच का संचालन किया वहीं पर्यटन विभाग के म्युजिक साउण्ड द्वारा गीतों  मधूर धूनों की प्रस्तुती दी गई जिससे कार्यक्रम में ओर चार चांद लग गये।

       पतंग उत्सव का उद्देश्य पारंपरिक त्योहारों को बढ़ावा देनास्थानीय संस्कृति का संरक्षण करना एवं पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।


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