श्रीगंगानगर। राजस्थान की राजनीति और प्रशासन में युवा केंद्रित सोच को नई दिशा देते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर ऐसे निर्णय और योजनाएँ लागू कर रही है, जिनका सीधा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है। शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप, खेल और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सरकार की सक्रियता यह दर्शाती है कि युवा सशक्तिकरण अब केवल नारा नहीं, बल्कि ठोस कार्ययोजना बन चुका है।
प्रदेश का युवा आज केवल नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह आत्मनिर्भर बनकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में भागीदार बनना चाहता है। इसी सोच को समझते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं के सपनों को प्राथमिकता देने वाली नीतियों को शासन का केंद्र बिंदु बनाया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि यदि युवाओं को सही अवसर, पारदर्शी व्यवस्था और मार्गदर्शन मिले, तो राजस्थान विकास की नई ऊँचाइयों को छू सकता है।
पारदर्शी भर्ती और रोजगार के नए अवसर
राजस्थान सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता। पूर्व में भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं में जो असंतोष था, उसे दूर करने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। पेपर लीक जैसे मामलों पर कठोर कार्रवाई, परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी उपाय और परिणामों की समय पर घोषणा ने युवाओं का भरोसा शासन पर मजबूत किया है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में भर्तियाँ निकालकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि मेहनती और योग्य युवाओं के लिए अवसरों की कमी नहीं है।
शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर
माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है। उच्च शिक्षा संस्थानों में आधुनिक पाठ्यक्रम, कौशल आधारित प्रशिक्षण और उद्योगों से जुड़ाव को बढ़ावा दिया जा रहा है। आईटी, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान का युवा केवल डिग्रीधारी न होकर दक्ष और सक्षम भी बने।
युवा उद्यमिता और स्टार्टअप को प्रोत्साहन
राजस्थान सरकार स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में भी युवाओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। नई स्टार्टअप नीतियों, वित्तीय सहायता, मेंटरशिप और इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित किया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री का मानना है कि युवा उद्यमी न केवल अपने लिए रोजगार सृजित करते हैं, बल्कि अन्य युवाओं को भी अवसर प्रदान करते हैं। यही कारण है कि सरकार स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
खेल, संस्कृति और प्रतिभा को मंच
राजस्थान के युवाओं में खेल और सांस्कृतिक प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सरकार ने खेल सुविधाओं के विकास, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए योजनाएँ लागू की हैं। इससे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिल रहा है और वे प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
डिजिटल और युवा मित्र प्रशासन
माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शासन को अधिक डिजिटल, संवेदनशील और युवा मित्र बनाने की दिशा में भी कार्य हो रहा है। ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाएँ और त्वरित समाधान प्रणाली से युवाओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। यह बदलाव युवाओं के समय, ऊर्जा और विश्वास तीनों की बचत करता है।
कुल मिलाकर माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई देती है। पारदर्शी भर्ती, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और संवेदनशील प्रशासन-ये सभी पहलें मिलकर राजस्थान के युवाओं को एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जा रही हैं। आज प्रदेश का युवा आशावान है, आत्मविश्वास से भरा है और उसे विश्वास है कि उसकी मेहनत और प्रतिभा को राज्य सरकार पूरा सम्मान और अवसर देगी। यही विश्वास किसी भी राज्य के विकास की सबसे मजबूत नींव होता है।