बांसवाड़ा में पहली बार तीन दिवसीय ‘माही टॉक फेस्ट’ का भव्य आयोजन, विचार–संवाद से संस्कृति तक का संगम

( 390 बार पढ़ी गयी)
Published on : 17 Jan, 26 17:01

23 से 25 जनवरी तक गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय परिसर में होगा आयोजन

बांसवाड़ा में पहली बार तीन दिवसीय ‘माही टॉक फेस्ट’ का भव्य आयोजन, विचार–संवाद से संस्कृति तक का संगम

बांसवाड़ा। गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय एवं विश्व संवाद केन्द्र, उदयपुर के तत्वावधान में 23 से 25 जनवरी तक विश्वविद्यालय परिसर में तीन दिवसीय माही टॉक फेस्ट का आयोजन किया जाएगा। यह फेस्ट शिक्षा, साहित्य, मीडिया, कला, संस्कृति और राष्ट्रबोध से जुड़े विविध आयामों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगा।

गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर केशव सिंह ठाकुर ने बताया कि बांसवाड़ा में पहली बार "एकात्म भारत" थीम पर माही टॉक फेस्ट 4.0 के रुप में विचार, संस्कृति, राष्ट्रबोध और रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक अनूठा उत्सव आयोजित होने जा रहा है। इस फेस्ट मेंविविध विषयों पर प्रदर्शनियां, साहित्यिक चर्चा सत्र, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। फेस्ट की एक बड़ी विशेषता यह है कि बांसवाड़ा में पहली बार राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) द्वारा तीन दिवसीय पुस्तक मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें एनबीटी सहित देश के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें आम पाठकों के लिए उपलब्ध रहेंगी।

*पहला दिन: प्रदर्शनी, बुक फेयर और लोकनाट्य:*

फेस्टिवल समन्वयक एवं पुलिस मुख्यालय के अतिरिक्त निदेशक (प्रचार) डॉ. कमलेश शर्मा ने बताया कि फेस्ट के पहले दिन 23 जनवरी की शाम विश्वविद्यालय परिसर में जनजाति नायक व संविधान विषयक प्रदर्शनी एवं नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) द्वारा आयोजित पुस्तक मेले का उद्घाटन किया जाएगा। प्रदर्शनी में भारतीय संविधान और जनजातीय नायकों से संबंधित चित्रों का विशेष प्रदर्शन होगा वहीं एनबीटी व अन्य प्रकाशकों की 500 टाइटल की  2 हजार से अधिक  विविध विषयों की पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। 

शाम को नगर निगम रंगमंच पर मेवाड़ अंचल के ख्यातिप्राप्त लोकनाट्य कलाकार अमित गमेती के निर्देशन में ‘गवरी साधना’ नाटक का मंचन किया जाएगा, जो जनजातीय संस्कृति और साधना परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगा।

*दूसरा दिन: काकोरी की शताब्दी श्रद्धांजलि और विचार संवाद*

शनिवार, 24 जनवरी को फेस्ट का औपचारिक उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। उद्घाटन सत्र में प्रख्यात शिक्षाविद एवं मीडिया विशेषज्ञ तथा केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान में संस्कृति एवं मीडिया अध्ययन विभाग के प्रमुख प्रो. अमिताभ श्रीवास्तव द्वारा कम्युनिटी रेडियो विषय पर संवाद किया जाएगा।

दोपहर में 1925 के महान ‘काकोरी रेल एक्शन’ की शताब्दी श्रद्धांजलि के रूप में कमलेश के. मिश्रा द्वारा निर्देशित शॉर्ट फिल्म ‘काकोरी’ का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद डिजिटल कंटेंट विषय पर योगेश और प्रभव द्वारा चर्चा होगी तथा जनजातीय नायक विषय पर ड्राइंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। तीसरे सत्र में श्री हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. नंदकिशोर पाण्डेय द्वारा लोक साहित्य विषय पर व्याख्यान दिया जाएगा। सत्र के पश्चात रतलाम के कलाकारों द्वारा मलखंब का रोमांचक प्रदर्शन किया जाएगा।
डॉ. शर्मा ने बताया कि दूसरे दिन का विशेष आकर्षण रहेगा अभयारानी अबक्का पर आधारित नाटक, जिसे दीपक भारद्वाज ने तैयार किया है। यह नाटक 16वीं शताब्दी में पुर्तगालियों के साथ रानी अबक्का द्वारा तीन दशक तक किए गए अदम्य संघर्ष की गाथा को मंच पर जीवंत करेगा।

*तीसरा दिन: रील्स, वर्कशॉप और राष्ट्रबोध:*

फेस्ट के तीसरे और अंतिम दिन 25 जनवरी की शुरुआत नागरिक शिष्टाचार विषयक रील्स मेकिंग प्रतियोगिता से होगी। इसके बाद उदयपुर की श्रीमती रूचि श्रीमाली द्वारा ‘आर्ट ऑफ रीडिंग’ तथा मीडिया एवं सरोकार विषय पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
आगे के चर्चा सत्र में आनंद मठ और वंदे मातरम् के 150 वर्ष विषय पर राजस्थान साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष इंदुशेखर तत्पुरुष द्वारा संवाद किया जाएगा।
अंतिम दिन का प्रमुख सांस्कृतिक आकर्षण होगा आदि शंकराचार्य इंदौर की ख्यातनाम स्टोरीटेलर भारती दीक्षित द्वारा संगीतमय कहानी की प्रस्तुति।

*समापन सत्र में राष्ट्र साधना के 100 वर्ष पर संवाद :*

फेस्ट का समापन प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक श्री निंबाराम जी के आतिथ्य में होगा। इस दौरान उनके द्वारा ‘राष्ट्र साधना के 100 वर्ष’ विषय पर विचारोत्तेजक संवाद प्रस्तुत किया जाएगा।

*आज जीजीटीयू में होगी वॉलियंटर्स ट्रेनिंग और टीम की बैठक :* 

विश्व संवाद केन्द्र के सचिव प्रवीण कोटिया ने बताया कि माही टॉक फेस्ट की कोर टीम में संरक्षक मदनमोहन टांक के निर्देशन में सदस्य डॉ. राजश्री चौधरी, डॉ. सुनील खटीक, नरेश यादव, विकास छाजेड़, श्रीमती रूचि श्रीमाली, कनन राठौड़ के साथ बांसवाड़ा गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय द्वारा गठित आयोजन समिति के प्रो. राजेश जोशी, प्रो.नरेन्द्र पानेरी और डॉ.राकेश डामोर के साथ वॉलियंटर्स की टीम द्वारा वृहद पैमाने द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। आउटरीच टीम ने शहर के विभिन्न महाविद्यालयों, विद्यालयों और छात्रावासों में विद्यार्थियों व प्रबंधकों से संपर्क कर इसमें अधिकाधिक भागीदारी का आह्वान किया है। इसी प्रकार रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में दोपहर 12 बजे वॉलियंटर्स ट्रेनिंग और 1.30 बजे टीम की बैठक आयोजित की जाएगी।


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.