कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन का अध्यक्ष निर्वाचित होना सुनिश्चित 

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Published on : 19 Jan, 26 02:01

त्वरित टिप्पणी  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन का अध्यक्ष निर्वाचित होना सुनिश्चित 

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव सोमवार 19 जनवरी को होगा और मंगलवार 20 जनवरी को आधिकारिक परिणाम आने की उम्मीद है। बीजेपी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी के संविधान के अनुसार इलेक्टोरल कॉलेज और संगठनात्मक आधार पर होता है। वर्तमान भाजपा अध्यक्ष केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा 20 जनवरी 2020 से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हुए हैं। वे भी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने से पहले कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए थे। जेपी नड्डा को बीजेपी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जून 2019 में नियुक्त किया गया था। उसके बाद 20 जनवरी 2020 को वे राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुने गए थे और तब से अब तक वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। उनका मूल कार्यकाल तीन साल का यानी 2023 तक था, लेकिन पार्टी ने उन्हें विशेष परिस्थितियों के चलते एक से अधिक बार पद विस्तार दिए। खासकर 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए नेतृत्व को स्थिर बनाए रखने हेतु, उन्हें अध्यक्ष बनाए रखा गया। नड्डा की तरह ही नितिन नबीन को पिछली 14 दिसंबर 2025 को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और अब उनके 20 जनवरी को अध्यक्ष पद संभालने की पूरी संभावना हैं। 45 वर्षीय युवा  नितिन नबीन, जो कई बार विधायक और बिहार के मंत्री रहे हैं, 20 जनवरी 2026 को स्थाई राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुने जाने के लिए तैयार हैं और पार्टी की वर्तमान चुनाव प्रक्रिया में वह ही एक मात्र प्रमुख दावेदार हैं।

 

सोमवार को भाजपा अध्यक्ष का चुनाव नामांकन फ़ाइलिंग के साथ ही शुरू होगा। पार्टी संगठन की ओर से यह चुनाव सहमति या निर्वाचन के आधार पर भी हो सकता है, लेकिन इस बार नितिन नबीन को अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पेश किया जा रहा है और  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे वरिष्ठ नेता उनके प्रस्तावक बन सकते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में राजस्थान की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी।

भारतीय जनता पार्टी  के अन्दर 19–20 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका प्रस्तावकों की होती हैं, जो किसी भी उम्मीदवार के नामांकन को वैध और प्रभावशाली बनाते हैं। इन प्रस्तावकों में पार्टी के अनुभवी संगठन नेता और निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल होते हैं, जो राष्ट्रीय नेतृत्व के समर्थन का संकेत देते हैं। राजस्थान भाजपा ने इस बार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए 20 प्रस्तावकों की सूची जारी की है, जो पार्टी के संगठन और सरकार दोनों पक्षों का प्रतिनिधित्व करती है। इन प्रस्तावकों के चयन से यह स्पष्ट होता है कि राजस्थान भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर अपने समर्थन और प्रभाव को मजबूत करना चाहती है। प्रस्तावकों की सूची में अनुभवी नेताओं का चयन किया गया है। इसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री और पार्टी के वर्तमान अग्रणी चेहरे भजनलाल शर्मा,राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़,पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे , उपमुख्यमंत्री और पार्टी की वर्तमान महिला नेत्री दिया कुमारी, वंचित वर्ग का प्रतिनिधित्व उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री डॉ. अल्का सिंह गुर्जर, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष पूर्व मंत्री डॉ. अरुण चतुर्वेदी,पूर्व नेता प्रतिपक्ष, राजस्थान विधानसभा और पूर्व मंत्री  राजेन्द्र राठौड़ ,पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी,वरिष्ठ संगठन नेता और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया, चित्तौड़गढ़ सांसद और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, राज्य सभा सदस्य और पार्टी रणनीतिकार घनश्याम तिवाड़ी , जयपुर सांसद मंजू शर्मा ,धरोहर संरक्षण बोर्ड अध्यक्ष पूर्व सांसद ओंकर सिंह लखावत,किसान आयोग अध्यक्ष पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री सीआर चौधरी,जीव-जंतु कल्याण बोर्ड अध्यक्ष पूर्व सांसद जसवंत सिंह विश्नोई ,किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष  पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी , पूर्व मंत्री प्रभु लाल सैनी ,पूर्व सांसद एवं प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण पंचारिया , पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अजय पाल सिंह के नाम शामिल हैं। इन सभी नामों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए प्रस्तावक की जिम्मेदारी ग्रहण की है, जो चुनाव प्रक्रिया में पार्टी के समर्थन का प्रतिनिधित्व करेंगे।

 

भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रत्यक्ष रूप से नहीं, बल्कि पार्टी के संविधान के अनुसार निर्वाचक मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) द्वारा चुना जाता है। इसके मुख्य चरणों में सर्वप्रथम संगठनात्मक चुनाव होना आवश्यक होता है । राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले पार्टी के बूथ, मंडल, जिला और प्रदेश स्तर  पर संगठनात्मक चुनाव कम से कम देश के 50 प्रतिशत से अधिक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा होना भी जरूरी है तभी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल का गठन किया जाता है। निर्वाचक मंडल में राष्ट्रीय परिषद और सभी प्रदेश परिषदों के सदस्य भी शामिल होते हैं। यह मंडल बीजेपी का “इलेक्टोरल कॉलेज” है जो राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में वोट डालता है। उम्मीदवारों को नामांकन के लिए पार्टी के संविधान में तय योग्यता (कम से कम 15 वर्ष पार्टी सदस्यता एवं अनुभव) और प्रस्तावकों एवं समर्थकों की संख्या जमा करनी होती है, जो विभिन्न राज्यों से होना आवश्यक है। अगर एक से अधिक उम्मीदवार होते हैं तो मतदान होता है, अन्यथा एकल उम्मीदवार के निर्विरोध चुने जाने की संभावना होती है। इस बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए 19 जनवरी 2026 को नामांकन जमा होगा और 20 जनवरी 2026 को परिणाम की घोषणा संभव है। लगता है पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के निर्वाचन की सभी औपचारिक तैयारियां पूरी कर दी गई है,बस अब अन्तिम परिणाम पर मुहर लगनी ही शेष है।


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