उदयपुर, डाक टिकट संग्रहकर्ता अंबावगढ़ निवासी रवि खमेसरा का कल निधन होने पर उनके परिजनों ने रवि खमसेरा की अंतिम ईच्छानुसार की उनकी पार्थिव देह का आज आरएनटी मेडिकल काॅलेज को देहदान कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।
लच्छीराम हंजाबाई सुखलेचा चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव गौतम सुखलेचा ने बताया कि मोक्ष रथ में उनकी पार्थिव देह को भावभीनी देहदान यात्रा के साथ आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर लाया गया। यहां सैकड़ों समाजजनों एवं परिजनों की उपस्थिति में एनाटॉमी विभाग में विधिवत रूप से देहदान की प्रक्रिया संपन्न की गई।
रवि खमेसरा एक मिलनसार, सरल एवं सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने धार्मिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। वे ग्रीनिज बुक रिकॉर्ड में पुरूस्कृत डाक टिकट संग्रहकर्ता के रूप में भी प्रसिद्ध थे। उनके परिवार में धर्मपत्नी पुष्पा खमेसरा एवं पुत्र प्रशांत खिमेसरा सहित अन्य परिजन हैं। इस पुनीत कार्य में 200 से अधिक समाजजनों ने सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर राजकुमार चेलावत, अशोक लोढ़ा, शैलेंद्र जी खमेसरा, गौतम सुखलेचा सहित खिमेसरा एवं चेलावत परिवार का विशेष योगदान रहा।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज की ओर से डॉ. श्वेता अस्थाना, डॉ. सुनील शर्मा एवं डॉ. सुशांत ने देहदान जैसे महान कार्य हेतु खिमेसरा परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें साधुवाद दिया तथा इसे चिकित्सा शिक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह इस वर्ष का तीसरा स्वैच्छिक देहदान है। इससे पूर्व इसी वर्ष आशुलाल वर्डिया एवं संध्या नाहर का देहदान हो चुका है।
उल्लेखनीय है कि सुखलेचा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा उदयपुर में अब तक 380 से अधिक देहदान संकल्प पत्र भरवाए जा चुके हैं तथा लगभग 50 देहदान आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर में संपन्न कराए जा चुके हैं। ट्रस्ट द्वारा रक्तदान एवं अंगदान जैसे सामाजिक कार्य भी निरंतर किए जा रहे हैं।