एमआरएआई का अंतरराष्ट्रीय मटेरियल रीसाइक्लिंग सम्मेलन – IMRC 2026 जयपुर में

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Published on : 19 Jan, 26 18:01

जीएसटी, स्क्रैप आयात और रीसाइक्लर्स के सामने मौजूद नीतिगत अड़चनों पर होगा मंथन

एमआरएआई का अंतरराष्ट्रीय मटेरियल रीसाइक्लिंग सम्मेलन – IMRC 2026 जयपुर में

जयपुर: भारत के मटेरियल रीसाइक्लिंग उद्योग का शीर्ष संगठन मटेरियल रीसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (MRAI) ने अपने प्रमुख आयोजन 13वें अंतरराष्ट्रीय मटेरियल रीसाइक्लिंग सम्मेलन एवं प्रदर्शनी (IMRC 2026) की घोषणा की है। यह सम्मेलन 20 से 22 जनवरी 2026 तक नोवोटेल जयपुर एंड कन्वेंशन सेंटर, जयपुर में आयोजित किया जाएगा।

IMRC 2026 में सस्टेनेबिलिटी, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा भंडारण (एनर्जी स्टोरेज) और सर्कुलर इकोनॉमी ट्रांजिशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही भारत में रीसाइक्लिंग उद्योग को अब तक औपचारिक उद्योग का दर्जा न मिलना, नियामकीय स्पष्टता की कमी और बाज़ार की अस्थिरता जैसी दीर्घकालिक संरचनात्मक चुनौतियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह सम्मेलन नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जहाँ रीसाइक्लर्स विस्तार, निवेश और अनुपालन को समर्थन देने वाले स्पष्ट ढाँचों की माँग करेंगे।

श्री संजय मेहता, अध्यक्ष, एमआरएआई ने कहा, “भारत में रीसाइक्लिंग अब कोई सीमांत गतिविधि नहीं रही है। यह संसाधन सुरक्षा, जलवायु प्रतिबद्धताओं और विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता के केंद्र में है। इसके बावजूद उद्योग आज भी औपचारिक उद्योग का दर्जा न मिलने, असंगठित क्षेत्र की प्रधानता और नियामकीय अस्पष्टताओं से जूझ रहा है। IMRC 2026 इन वास्तविकताओं को सामने लाएगा और व्यावहारिक व डेटा-आधारित नीतिगत समाधानों पर जोर देगा।”

IMRC 2026 का एक प्रमुख विषय भारतीय रीसाइक्लर्स के लिए कच्चे माल, विशेष रूप से गुणवत्ता युक्त स्क्रैप की उपलब्धता होगा। भले ही भारत को स्क्रैप-समृद्ध देश माना जाता है, लेकिन उद्योग जगत का मानना है कि घरेलू स्तर पर उपलब्धता अपर्याप्त है, जिससे उत्पादन क्षमता के पूर्ण उपयोग के लिए आयात अनिवार्य हो जाता है। कुछ नॉन-फेरस स्क्रैप श्रेणियों पर आयात शुल्क में हालिया कटौती से राहत मिली है, लेकिन एल्युमिनियम स्क्रैप पर अब भी अधिक शुल्क लागू है। इस मुद्दे को एमआरएआई सम्मेलन के दौरान संरचित नीतिगत चर्चाओं के माध्यम से प्रमुखता से उठाएगा।

व्यापार और कराधान के अलावा, IMRC 2026 में सस्टेनेबिलिटी और जलवायु से जुड़ी पहल, जैसे ऊर्जा भंडारण, क्रिटिकल मिनरल्स, बैटरी रीसाइक्लिंग, कार्बन मार्केट्स, ईएसजी अनुपालन और एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल (ELV) नीति के क्रियान्वयन पर भी गहन चर्चा होगी।

IMRC 2026 को श्री पीयूष गोयल, माननीय केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा श्री भूपेंद्र यादव, माननीय केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, भारत सरकार के संदेश प्राप्त होंगे। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) की ओर से श्री वी. के. सिंह, निदेशक, सम्मेलन में प्रतिनिधित्व करेंगे।


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