रेलवे की बड़ी लापरवाही फस्र्ट एसी का भारी-भरकम किराया देने के बाद भी गंदगी में बैठने को मजबूर यात्री

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Published on : 20 Jan, 26 13:01

 
उदयपुर। भारतीय रेलवे जहां एक ओर आधुनिकता और विश्वस्तरीय सुविधाओं का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रीमियम क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों को आज भी बदहाली का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला वीर भूमि एक्सप्रेस (19315) का है, जहाँ फस्र्ट एसी  जैसे महंगे कोच में सफाई की भारी कमी और रेलवे स्टाफ की संवेदनहीनता सामने आई है।
पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए देवेंद्र सोमानी ने बताया कि 19 जनवरी 2026 को उदयपुर से असारवा की यात्रा के दौरान कोच एच-1 (सीट डी ) में चारों तरफ गंदगी फैली हुई थी। यात्री ने तड़के 4.30 बजे से ही सफाई के लिए प्रयास शुरू किए। कोच अटेंडेंट ने सहयोग किया, लेकिन ओबीएचएससुपरवाइजर ने कई बार कॉल करने के बावजूद फोन नहीं उठाया। हैरानी की बात यह रही कि जब कंट्रोल रूम को शिकायत की गई, तो वहां से जवाब मिला कि सफाई कर्मचारी सुबह 6 बजे आएंगे और इसे यात्री सुरक्षा का हवाला देकर सही ठहराया गया। यात्री का सवाल है कि क्या गंदगी के बीच बैठे रहना ही रेलवे की नजर में सुरक्षा है। 3 घंटे तक कोई सुनवाई नहीं हुई और बाद में शिकायत को ही बंद कर दिया गया।
यात्री ने जब मौके पर मौजूद टीटीई कटारा को समस्या बताई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह मेरी जिम्मेदारी नहीं है। स्टाफ के बीच समन्वय की कमी और जवाबदेही के अभाव के कारण यात्री को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। इसमें टीटीई का भी गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामनंे आया।
समाधान के बिना ही रेलवे ने यात्री की शिकायत को क्लाॅज कर दिया। शिकायत यात्री ने रेल मदद पोर्टलपर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन बिना किसी समाधान या सफाई के मात्र 3 घंटे के भीतर शिकायत को बंदकर दिया गया। यह रेलवे के शिकायत निवारण तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है और साथ ही डिजिटल सिस्टम पर भी सवाल खड़े करता है।
सीए देवेंद्र सोमानी ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि भारत दुनिया भर के पर्यटकों का स्वागत कर रहा है। यदि फस्र्ट एसी में देश के नागरिकों और विदेशी पर्यटकों को ऐसी गंदगी और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार मिलेगा, तो देश की छवि पर इसका क्या असर पड़ेगा। यात्री ने अब इस मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने और टिकट रिफंड के साथ-साथ दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


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