उदयपुर। उदयपुर शहर में निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के गंभीर एवं चिंताजनक मामले को लेकर सोमवार को अंजुमन तालीमुल इस्लाम, उदयपुर की ओर से ज़िला कलेक्टर उदयपुर को एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन अंजुमन सदर जनाब मुख्तार कुरैशी के नेतृत्व में दिया गया।
ज्ञापन के माध्यम से अंजुमन तालीमुल इस्लाम के सेक्रेट्री मुस्तफा शेख ने जिला प्रशासन का ध्यान इस अत्यंत संवेदनशील एवं गंभीर मुद्दे की ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि मताधिकार भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और किसी भी नागरिक को उसके इस मौलिक अधिकार से वंचित करना संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विशेष समुदाय को सुनियोजित तरीके से मतदाता सूची से बाहर किया जा रहा है, तो यह न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आघात है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य है।
ज्ञापन में अंजुमन तालीमुल इस्लाम की कैबिनेट, जनरल हाउस के सदस्यों एवं शहर के प्रतिष्ठित नागरिकों की ओर से यह प्रमुख मांग रखी गई कि जिन बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा कथित रूप से मनमाने, लापरवाह एवं पक्षपातपूर्ण तरीके से मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके विरुद्ध प्रशासन स्वसंज्ञान लेते हुए सख़्त कानूनी कार्रवाई करे।
इस अवसर पर अंजुमन के नायब सदर फारूक कुरैशी ने उदयपुर विधायक श्री ताराचंद जैन की भूमिका की भी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई और कहा कि यदि इस प्रक्रिया में किसी भी जनप्रतिनिधि की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
अंजुमन के वरिष्ठ सदस्य रियाज़ हुसैन ने कहा कि यदि समय रहते इस प्रकार की द्वेषपूर्ण और भेदभावपूर्ण गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह आने वाले समय में लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत घातक सिद्ध हो सकती है। वहीं, जनरल हाउस सदस्य उमर फारूक ने आम नागरिकों से अपने मताधिकार की रक्षा के लिए जागरूक रहने और लोकतंत्र की मजबूती हेतु एकजुट होकर आवाज़ बुलंद करने की अपील की।
अंजुमन तालीमुल इस्लाम के जॉइंट सेक्रेट्री इज़हार हुसैन ने जिला प्रशासन से स्पष्ट मांग की कि मतदाता सूची में की गई सभी कथित गड़बड़ियों को तत्काल प्रभाव से सुधारा जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी भारतीय नागरिक के साथ धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो।
इस अवसर पर अंजुमन तालीमुल इस्लाम के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कैबिनेट सदस्यों में अनीस अब्बासी, एडवोकेट शहजाद अहमद, सैयद इरशाद अली, तनवीर चिश्ती एवं एडवोकेट आदिल शेख शामिल रहे। वहीं जनरल हाउस सदस्यों में रियाज़ हुसैन, मोहम्मद अय्यूब, फिरोज़ खान, एडवोकेट नासिर हुसैन, एडवोकेट अशफाक हुसैन, मोहम्मद आरिफ अब्बासी, शाहरुख खान, अख्तर खान और उमर फारूक सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।