• फ्लिपकार्ट ने एक संरचनाबद्ध, एआई की मदद से रिस्क-डिटेक्शन के साथ सेलर-फर्स्ट कंप्लायंस और रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क और निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से मार्केटप्लेस इंटीग्रिटी को मजबूत किया।
• यह प्लेटफॉर्म सिस्टम मानक रैगुलेटरी स्क्रीनिंग और एन्फोर्समेंट प्रोटोकॉल्स के साथ प्रतिमाह लाखों लिस्टिंग्स की समीक्षा करता है।
• फ्लिपकार्ट का ब्रांड एश्योर प्रोग्राम ट्रेडमार्क के मालिकों को सीधे संरचनाबद्ध आई.पी प्रोटेक्शन वर्कफ्लो में हिस्सा लेने में समर्थ बनाता है, जिसमें 11,000 से अधिक ब्रांड्स शामिल हैं।
• सेलर्स को सस्टेनेबल विकास में मदद करने के लिए पारदर्शी एन्फोर्समेंट, ड्यू-प्रोसेस कम्युनिकेशन, डिजाइन एवं इन्फ्रिंजमेंट सेफगार्ड उपलब्ध होते हैं।
राष्ट्रीय, जनवरी 2026: भारत का होमग्रोन ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस, फ्लिपकार्ट अपने प्लेटफॉर्म पर निष्पक्षता, प्रामाणिकता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अपने कंप्लायंस गवर्नेंस फ्रेमवर्क में लगातार निवेश कर रहा है। संगठन में ये सिस्टम स्थिर मानकों, आंतरिक कंट्रोल और ऑडिट-रेडी प्रक्रियाओं के साथ काम करते हैं। यह प्रोएक्टिव और विकसित दृष्टिकोण फ्लिपकार्ट मार्केटप्लेस की गवर्नेंस के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिस पर 1.4 मिलियन से अधिक सेलर्स की लाखों लिस्टिंग्स हैं। बेहतरीन टेक्नोलॉजी, संरचनाबद्ध मानवीय निगरानी और औपचारिक कंप्लायंस नीतियों की मदद से फ्लिपकार्ट एक विश्वसनीय, सुसंचालित वातावरण सुनिश्चित करता है, ताकि व्यवसाय लगातार विकास कर सकें और ग्राहकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्राप्त हो सकें। फ्लिपकार्ट एक मानक, रिस्क-आधारित ऑनबोर्डिंग एवं मॉनिटरिंग सिस्टम द्वारा सुरक्षा की पहली दीवार पेश करता है, जो अनुपालन न करने वाले और जाली सेलर्स को प्लेटफॉर्म पर प्रवेश करने और संचालन करने से रोकती है।
सेलर्स का मजबूत पुनरीक्षण
फ्लिपकार्ट पर प्रवेश करने वाले नए सेलर्स का रिस्क-बेस्ड मॉडल द्वारा पुनरीक्षण किया जाता है, जो दस्तावेज जमा करने के मुकाबले काफी व्यापक है। इस ऑनबोर्डिंग सिस्टम में जीएसटी और पैन नंबर की जाँच की जाती है। सेलर की डिवाईस, पता और पिनकोड की पुष्टि की जाती है। आंतरिक डेटा मॉडल द्वारा पहले रहे किसी फ्रॉड पैटर्न की जाँच की जाती है। सभी जीएसटी विवरण का टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन किया जाता है, ताकि क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग न हो सके। इन जाँचों के साथ एक फ्रॉड लिंकेज एनालिसिस भी किया जाता है, ताकि पहले उल्लंघन कर चुके सैलर्स प्लेटफॉर्म पर दोबारा प्रवेश न कर सकें।
फ्लिपकार्ट के मॉनिटरिंग आर्किटेक्चर,एआई आधारित स्केल और मानव सुपरविज़न के साथ ऑडिट-योग्य भी है, जो दस्तावेजबद्ध समीक्षा प्रक्रियाओं, ऑडिट ट्रेल और एस्केलेशन प्रोटोकॉल के साथ ऑटोमेशन सुनिश्चित करता है। रियल-टाईम इन्फ्रिंजमेंट स्कैनिंग सिस्टम डिटेक्शन मॉडल की मदद से उत्पादों के टेक्स्ट और लोगो इन्फ्रिंजमेंट को पहचानता है। इसके बाद मैन्युअल परीक्षण किया जाता है और अगर इन्फ्रिंजमेंट की पुष्टि हो जाए, तो उत्पाद को प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाता है। इसके अलावा, मार्केटप्लेस की क्वालिटी कंट्रोल टीमें संबंधित रैगुलेटरी अनुपालन के लिए प्रतिमाह लाखों लिस्टिंग्स की स्कैनिंग करती हैं। टेक्नोलॉजी पर आधारित उपायों के अलावा, फ्लिपकार्ट सेलर की जमीनी जाँच भी करता है, तथा पते की पुष्टि जियोटैगिंग के माध्यम से की जाती है। उन सेलर्स का सरप्राईज़ ऑडिट भी किया जाता है, जिनके लिए ज्यादा निगरानी की जरूरत होती है।
संगठन के परिवेश में निगरानी को मजबूत बनाने के लिए फ्लिपकार्ट ने एक आंतरिक कर्मचारी अभियान शुरू किया है, जिसके माध्यम से कर्मचारी सैलर या कंज़्यूमर शोषण पैटर्न की पहचान करके उसकी सूचना दे सकते हैं। इनमें जाली लिस्टिंग से लेकर कई एकाउंट द्वारा दुरुपयोग, रिटर्न में हेर-फेर और प्रमोशनल फ्रॉड शामिल हैं।
मार्केटप्लेस में सेलर कंप्लायंस और पारदर्शिता के फ्रेमवर्क को संस्थागत करना
सेलर के निर्धारित प्रक्रिया के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए पूरे संगठन में पारदर्शिता को सुनिश्चित किया गया है। ऑनबोर्डिंग के वक्त सेलर्स को एक विस्तृत कंप्लायंस स्नैपशॉट प्राप्त होता है, जिसमें अनिवार्य ‘सैलर के लिए उपयोग की शर्तें’ शामिल है। मासिक कंप्लायंस फ्लायर, प्रि-फेस्टिव कॉन्क्लेव, थीम पर आधारित वेबिनार, कंप्लायंस नीति के संचार, एस्केलेशन-ट्रिगर्ड संचार के माध्यम से जागरुकता बढ़ाई जाती है। सेलर्स को लिस्टिंग हटाए जाने की जानकारी उसके कारण सहित डैशबोर्ड पर दिखाई देती है। उन्हें उनके अधिकृत होने या खरीद के प्रमाण के साथ इस पर आपत्ति करने का अवसर भी मिलता है। इस पूरे फ्रेमवर्क का संचालन एक समर्पित कंप्लायंस, ट्रस्ट एंड सेफ्टी और मार्केटप्लेस रिस्क टीमों द्वारा किया जाता है, जो इसकी रिपोर्टिंग सीनियर लीडरशिप को करती हैं।
फ्लिपकार्ट का गवर्नेंस सिस्टम केवल प्रतिक्रियास्वरूप लिस्टिंग को हटाए जाने के मुकाबले इसकी शुरुआती जाँच पर केंद्रित है। अक्टूबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच 10 मिलियन से अधिक लिस्टिंग्स को जाली होने या कंप्लायंस नीति का पालन न करने के लिए हटाया गया। प्लेटफॉर्म से 13,000 सेलर्स को हटाया गया। इसके अलावा, फ्लिपकार्ट का ‘ब्रांड एश्योर’ प्रोग्राम ट्रेडमार्क-रजिस्टर्ड ब्रांड मालिकों को अनधिकृत लिस्टिंग या सैलर्स को फ्लैग करने में समर्थ बनाता है, ताकि ट्रस्ट और सेफ्टी टीमें हाथों-हाथ उसकी जाँच कर सकें। दिसंबर, 2025 तक इस प्रोग्राम में 11,000 से अधिक ब्रांड शामिल हुए, जिसने उन्हें इन्फ्रिंजमेंट की हजारों वारदातों, जैसे ब्रांड के नाम, कॉपीराईट, डिज़ाईन और लोगों के इन्फ्रिंजमेंट को पकड़ने में मदद की। इस पहल ने ऑनबोर्डेड ब्रांड्स के नकली होने की घटनाओं में बड़े स्तर पर कमी लाई है। ये कार्रवाईयाँ निरंतरता, समानता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए दस्तावेजबद्ध एन्फोर्समेंट प्रोटोकॉल्स के साथ की गईं।
फ्लिपकार्ट के सीनियर वाईस प्रेसिडेंट एवं हेड ऑफ मार्केटप्लेस, साकेत चौधरी ने कहा, ‘‘एक विश्वसनीय और अनुपालन आधारित मार्केटप्लेस का निर्माण फ्लिपकार्ट के संचालन के लिए आवश्यक है। हम कंप्लायंस का फ्रेमवर्क मजबूत बनाने के लिए निरंतर निवेश कर रहे हैं, ताकि टेक-आधारित रिस्क डिटेक्शन और रियल-टाईम मॉनिटरिंग संभव हो सके। हमारे सक्रिय दृष्टिकोण और मजबूत सिस्टम के साथ हम अपने ईमानदार सेलर पार्टनर्स की समस्याओं को खत्म कर रहे हैं तथा अपने ग्राहकों को सत्यापित स्रोतों से सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध करा रहे हैं। एक मजबूत मार्केटप्लेस गवर्नेंस केवल हमारे विश्वास के लिए नहीं, बल्कि हमारे दृढ़, स्केलेबल डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है।“