उदयपुर। राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आर्थिक सशक्तिकरण और जीवन स्तर में सुधार के उद्देश्य से डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना 2022 संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत लक्षित वर्ग के लाभार्थियों को उद्योग, सेवा एवं व्यापारिक गतिविधियों की स्थापना, विस्तार, विविधीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए ऋण, ब्याज अनुदान एवं मार्जिन मनी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिला उद्योग एवं वाणिज्यिक केंद्र के महाप्रबंधक शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि योजना के अंतर्गत उद्योग क्षेत्र में अधिकतम 10 करोड़ रुपये, सेवा क्षेत्र में 5 करोड़ रुपये तथा व्यापारिक क्षेत्र में 1 करोड़ रुपये तक की परियोजना लागत स्वीकृत की जा सकती है। विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र में कुल परियोजना लागत का अधिकतम 40 प्रतिशत तक कार्यशील पूंजी तथा व्यापारिक क्षेत्र में अधिकतम 90 प्रतिशत तक कार्यशील पूंजी का प्रावधान है। व्यापारिक परियोजनाओं में 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 25 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान दिया जाएगा। योजना में विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र हेतु न्यूनतम 10 प्रतिशत अंशदान पर अधिकतम 90 प्रतिशत ऋण तथा व्यापार क्षेत्र हेतु न्यूनतम 15 प्रतिशत अंशदान पर अधिकतम 85 प्रतिशत ऋण की सुविधा मिलेगी। ऋण अवधि 3 से 7 वर्ष तक होगी और ब्याज अनुदान अधिकतम 5 वर्ष तक देय रहेगा। ऋण राशि के अनुसार ब्याज अनुदान 9 प्रतिशत से 6 प्रतिशत तक निर्धारित है।
डॉ. अंबेडकर उद्यम प्रोत्साहन योजना पर एकदिवसीय शिविर 21 को
श्री शर्मा ने बताया कि जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, उदयपुर द्वारा योजना की जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एकदिवसीय शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर गुरूकुल ग्राउंड सामुदायिक भवन, ऋषभदेव में 21 जनवरी 2026 को सुबह 12 बजे से आयोजित होगा। शिविर में पात्र अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों को योजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी, मार्गदर्शन एवं ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा। आवेदन एसएसओ आईडी के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। आवश्यक दस्तावेजों में जन आधार, जाति प्रमाण पत्र, परियोजना रिपोर्ट, आधार कार्ड एवं शैक्षणिक योग्यता की अंकतालिका शामिल हैं। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र ने अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों से शिविर में भाग लेकर योजना का लाभ उठाने की अपील की है।