सलूंबर में एसजेपीयू की बैठक में बाल अपराधों की प्रभावी रोकथाम पर हुई चर्चा’

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Published on : 21 Jan, 26 06:01

बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता-जिला पुलिस अधीक्षक यादव

सलूंबर में एसजेपीयू की बैठक में बाल अपराधों की प्रभावी रोकथाम पर हुई चर्चा’

सलूंबर ,उदयपुर रेंज पुलिस द्वारा रेंज स्तर पर संचालित पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन कार्यक्रम के तहत सलूंबर जिले में किशोर न्याय (बालको की देखरख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत गठित विशेष किशोर पुलिस इकाई/थाना स्तर पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों की त्रैमासिक समीक्षा बैठक मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन सभागार  सलूंबर  में आयोजित हुई। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले में किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस थानों पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के साथ थाना स्तर पर बालकों से संबंधित मामलों में नए अधिनियम, बाल अपराधों की प्रभावी रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान तथा वर्तमान परिपेक्ष्य में मुख्य रूप से साइबर क्राइम को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से बाल संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा की गई।  बैठक में बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए एसपी यादव ने कहा कि बालकों एवं किशोरों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतते हुए उन्हें सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराए और उनके समग्र विकास के लिए प्रयास करें। उन्होंने बच्चों के मामलों में पोक्सो और जेजे एक्ट में तय गाइडलाइन और निर्धारित प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने और नवीन प्रावधानों के साथ संबंधित प्रावधानों में होने वाले बदलाव का समय समय पर अध्ययन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में कार्यवाही के संबंध में आवश्यक दस्तावेज एवं आदेश-पत्रावलियां राजस्थान पुलिस विभाग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन चावला ने बाल एवं महिला संरक्षण के हित में उपयोगी सुझाव दिए। इस अवसर पर यूनिसेफ की संभागीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने रेंज स्तर पर संचालित पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि बालकों का उचित संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने पोक्सो और जेजे एक्ट के प्रावधानों, इसके लिए निर्धारित प्रपत्र और बाल अधिकारों और संबंधित अधिनियमों की जानकारी दी और जरूरतमंद, देखभाल वाले व विधि से संघर्षरत बच्चों के मामलों में कार्यवाही के दौरान बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के लिए निर्धारित नियमों की जानकारी दी। उन्होंने आज के दौर में साइबर क्राइम और अन्य ऑनलाइन अपराधों के बारे में बताते हुए इससे बचने के उपाय भी बताए। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती यशोदा पणिया ने समिति की कार्य प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बच्चों से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रपत्रों की जानकारी दी और पॉक्सो से जुड़े मामलों की सूचना 24 घंटे में समिति को देने का आग्रह किया। समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधि ने विभागीय योजना की जानकारी दी।वन स्टॉप सेंटर की प्रतिनिधि कविता पुरबिया ने भी सेंटर की कार्यप्रणाली और प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया।  बैठक में बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों ने भी अनुभव साझा किए और कई सवाल किये, जिनका प्रत्युत्तर देते हुए वक्ताओं ने उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। बैठक में सीआई रणजीत सिंह व पवन सिंह, सहायक उपनिरीक्षक बहादुर सिंह जिले के सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, बाल कल्याण समिति सदस्य श्रीमती अंजना जोशी, सलूंबर और सराड़ा से महिला सुरक्षा सलाह केंद्र की प्रतिनिधि, कार्यक्रम टीम के दिलीप सालवी, सुनील व्यास आदि मौजूद रहे। इस अवसर पर कार्यक्रम कार्यालय की ओर से तैयार करवाई गई प्रचार सामग्री के साथ बाल हेल्प डेस्क सभी थानों के लिए प्रदान की गई।


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