आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर में इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी (ईपी) लैब का शुभारंभ

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Published on : 21 Jan, 26 06:01

हृदय की अनियमित धड़कन के इलाज को मिलेगी नई दिशा

आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर में इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी (ईपी) लैब का शुभारंभ

उदयपुर। रविन्द्र नाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल उदयपुर के  कार्डियोलॉजी विभाग स्थित कैथलैब में मंगलवार को अत्याधुनिक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी लैब (ईपी स्टडी यूनिट) का उद्घाटन हुआ। इस यूनिट में नवीनतम 2डी और 3डी मैपिंग तकनीक का प्रयोग होता है और 3डी तकनीक वाली यह मशीन सम्पूर्ण दक्षिणी राजस्थान में पहली मशीन है

इस नई सुविधा के माध्यम से उन मरीजों का सटीक परीक्षण एवं उपचार संभव हो सकेगा, जिनमें हृदय की धड़कन असामान्य रूप से तेज, धीमी अथवा अनियमित रहती है। ईपी स्टडी तकनीक से हृदय की विद्युत प्रणाली की गहराई से जांच कर प्रभावी उपचार किया जा सकेगा, जिससे गंभीर हृदय रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी।

शुभारंभ करते हुए रविन्द्र नाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. विपिन माथुर ने कहा कि यह सुविधा दक्षिण राजस्थान के हृदय रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे मरीजों को अब उन्नत उपचार के लिए बड़े महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। डॉ माथुर ने बताया कि ये सुविधा डीएमएफटी फण्ड से प्राप्त राशि 3.5 करोड़ रुपए से शुरू की गई है। उन्होंने महाविद्यालय परिवार की ओऱ से जिला कलेक्टर नमित मेहता सहित सभी जन प्रतिनिधियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ आचार्य डॉ. मुकेश कुमार शर्मा ने ईपी स्टडी की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह तकनीक हार्ट रिदम डिसऑर्डर के इलाज में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगी। उन्होंने बताया की ईपी स्टडी एक विशेष जांच प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से हृदय की विद्युत गतिविधियों का सूक्ष्म विश्लेषण किया जाता है इसके आधार पर असामान्य धड़कनों के सटीक स्थान की पहचान की जाती है इसके पश्चात आरएफ एबलेशन तकनीक द्वारा उस असामान्य विद्युत मार्ग को नियंत्रित किया जाता है जिससे मरीज़ को स्थाई राहत मिलती है!

2डी और 3डी मैपिंग तकनीक के प्रयोग से हृदय की त्रि आयामी संरचना स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है, जिससे प्रक्रिया अधिक सटीक, सुरक्षित, और कम समय में पूर्ण होती है। इस आधुनिक तकनीक से ओपन सर्जरी की आवश्यकता नहीं करती और मरीज़ शीघ्र स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है।

उद्घाटन समारोह में डॉ. अर्चना गोखरू (सह आचार्य), डॉ. दीपक आमेटा (सह आचार्य), डॉ रविराज (सहायक आचार्य) एसएसबी मेट्रन शारदा गरासिया, कैथलैब प्रभारी राजेश नायर, वरिष्ठ टीए लोहित दीक्षित, अनिल जीनगर, राजेन्द्र सिंह मीणा (वरिष्ठ रेडियोग्राफर) सहित कार्डियोलॉजी विभाग के चिकित्सक, तकनीकी स्टाफ एवं नर्सिंग स्टाफ उपस्थित रहे।


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