उदयपुर।बसंत पंचमी—जो ज्ञान, जीवन और नव आरंभ का प्रतीक मानी जाती है—के शुभ अवसर पर उदयपुर के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। ओबीएच (जीबीएच) ग्रुप के बेड़वास स्थित जीबीएच जनरल हॉस्पिटल ने चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए लीवर ट्रांसप्लांट, रोबोटिक व मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी, रोबोटिक जनरल सर्जरी और एडवांस ऑर्थोपेडिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधाएं एक ही परिसर में शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही यह अस्पताल राजस्थान का पहला ऐसा केंद्र बन गया है, जहां इतनी अत्याधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं एक साथ उपलब्ध होंगी।

शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में जीबीएच ग्रुप के चेयरमैन डॉ. कुमार जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 20 वर्षों से यह समूह चिकित्सा क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों को आमजन तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत रहा है। उन्होंने कहा कि जीबीएच ग्रुप ने उदयपुर को पहला थर्डरी सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पहली पीपीपी एमआरआई सुविधा, पहला एबीएच हॉस्पिटल, डायलिसिस सेंटर, लीनेक रेडिएशन मशीन और विश्वस्तरीय आधुनिक रेडिएशन थेरेपी जैसी अनेक ऐतिहासिक सुविधाएं प्रदान की हैं। इसी क्रम में अब लीवर ट्रांसप्लांट और रोबोटिक कार्डियेक सर्जरी की शुरुआत की गई है।
अनुभवी विशेषज्ञों की टीम
जीबीएच जनरल हॉस्पिटल में अब अनुभवी लीवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. सौरभ सिंघल अपनी सेवाएं देंगे। डॉ. सिंघल दिल्ली एम्स और अमेरिका से प्रशिक्षित हैं तथा अब तक सैकड़ों सफल लीवर ट्रांसप्लांट कर चुके हैं। वर्तमान में उनकी ओपीडी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इसी तरह, रोबोटिक और मिनिमली इनवेसिव कार्डियेक सर्जरी भी अब उदयपुर में पहली बार संभव हो सकेगी। इसके लिए दिल्ली और पुणे के प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षित कार्डियेक सर्जन डॉ. धनंजय कुमार बंसल को टीम से जोड़ा गया है। अब हार्ट सर्जरी के लिए मरीज की पूरी छाती खोलने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि छोटे चीरे के माध्यम से रोबोटिक हार्ट सर्जरी संभव होगी।
कार्डियेक सेवाओं के लिए अस्पताल में एक अलग से अत्याधुनिक कार्डियेक विंग विकसित किया गया है, जहां उदयपुर के वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एम. के. कौशिक, डॉ. कपिल भार्गव, डॉ. डैनी मंगलानी, डॉ. सन्नी यादव और डॉ. हितेश यादव की अनुभवी टीम सेवाएं देगी।
रोबोटिक जनरल और ऑर्थोपेडिक सर्जरी
अस्पताल के मुख्य ऑपरेशन थिएटर में उदयपुर का पहला 4-आर्म रोबोटिक सिस्टम स्थापित किया गया है, जिससे जटिल जनरल सर्जरी अत्यंत सटीकता के साथ की जा सकेगी। इस टीम में रोबोटिक एवं जनरल सर्जन डॉ. सौरभ आनंद को भी शामिल किया गया है।
इसके अतिरिक्त, ऑर्थोपेडिक रोबोट की स्थापना से अब अत्यधिक सटीक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी संभव हो पाई है।
महिलाओं के लिए विशेष ब्रेस्ट कैंसर क्लिनिक
बसंत पंचमी के अवसर पर महिलाओं के लिए ब्रेस्ट कैंसर क्लिनिक की भी शुरुआत की गई है, जहां प्रसिद्ध ब्रेस्ट कैंसर सर्जन डॉ. गरिमा मेहता अपनी विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करेंगी।
अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 24×7 सेवाएं
इन सभी सेवाओं को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, नर्सिंग स्टाफ, हाई-टेक आईसीयू, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं और 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे लीवर ट्रांसप्लांट और गंभीर हृदय रोगियों के इलाज को नई सुरक्षा और सफलता मिलेगी।
जरूरतमंदों के लिए राहत
ग्रुप डायरेक्टर डॉ. आनंद झा ने बताया कि लीवर ट्रांसप्लांट सहित इन नई सुविधाओं को विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल कराने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी, ताकि जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क या रियायती इलाज मिल सके। साथ ही अंगदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर
चिकित्सा विशेषज्ञों और शहरवासियों ने जीबीएच जनरल हॉस्पिटल की इस पहल को उदयपुर के स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर बताया है। लीवर ट्रांसप्लांट जैसी जटिल और जीवन रक्षक प्रक्रिया के लिए अनुभवी टीम, सख्त प्रोटोकॉल और आधुनिक तकनीक अनिवार्य होती है—और इन्हीं मानकों को ध्यान में रखते हुए यह सेवा शुरू की गई है।
पत्रकार वार्ता में डीन एवं वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. विनय जोशी, डायरेक्टर डॉ. सुरभि पोरवाल, जनरल सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता तिवारी और डॉ. गरिमा मेहता भी उपस्थित रहे।
अब उदयपुर के मरीजों को महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा—जीबीएच जनरल हॉस्पिटल के साथ अत्याधुनिक इलाज अब अपने शहर में ही संभव है।