श्रीगंगानगर, श्री आत्मवल्लभ जैन कन्या महाविद्यालय श्रीगंगानगर को ई-मेल के माध्यम से धमकी मिलने से गुरुवार को दिनभर सुरक्षा एजेंसियों एवं महाविद्यालय प्रशासन में सतर्कता बनी रही। धमकी को गंभीरता से लेते हुए किसी भी संभावित जोखिम से बचने के लिए तत्काल एहतियाती कदम उठाए गए। यह घटना एक माॅक ड्रिल का हिस्सा थी।
ई-मेल प्राप्त होते ही महाविद्यालय के डायरेक्टर श्री संजय अरोड़ा द्वारा खतरे की घंटी बजाकर आपातकालीन स्थिति घोषित की गई। उन्होंने शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं सहायक स्टाफ को अनुरोध किया कि सभी छात्राओं को पूर्ण शांति एवं अनुशासन के साथ सुरक्षित खुले मैदान में पहुंचाया जाए। आपदा प्रबंधन योजना के तहत कक्षाओं को क्रमबद्ध तरीके से खाली कराया गया तथा परिसर के मुख्य द्वार एवं संवेदनशील स्थलों को सील किया गया।
घटना की सूचना तत्काल जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, फायर ब्रिगेड एवं सिविल डिफेंस को दी गई। सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस, पुलिस एवं फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। सिविल डिफेंस द्वारा महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेते हुए नियंत्रित किया गया, ताकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश रोका जा सके।
सिविल डिफेंस की प्रशिक्षित टीम ने चीफ वार्डन श्री निर्मल जैन एवं फायर प्रभारी श्री अनिल शर्मा के नेतृत्व में महाविद्यालय परिसर की सघन तलाशी ली। कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, कार्यालयों, पुस्तकालय, सभागार सहित सभी संभावित स्थानों की गहन जांच की गई।
इस दौरान आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से सिविल डिफेंस द्वारा एक मॉक ड्रिल का आयोजन भी किया गया। मॉक ड्रिल में यह प्रदर्शित किया गया कि किसी विस्फोट अथवा आपात स्थिति में घायल व्यक्तियों को किस प्रकार सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है। फायरमैन लिफ्ट, चेयरमैन नॉट, स्ट्रेचर एवं स्लाइडिंग तकनीक के माध्यम से ऊपरी मंजिलों से काल्पनिक रूप से घायल व्यक्तियों को सुरक्षित नीचे उतारने, प्राथमिक उपचार देने एवं सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अभ्यास किया गया। इस बचाव कार्य में फायरमैन श्री सुखवंत सिंह, डिविजनल वार्डन श्री मनोज कुमार, सीडीआई श्री किशन स्वामी, श्री हरीश कुमार सहित सिविल डिफेंस टीम के अन्य सदस्यों ने सराहनीय भूमिका निभाई।
सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर एवं श्रीगंगानगर उपखंड अधिकारी श्री नयन गौतम ने बताया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि छात्राओं में भय अथवा घबराहट न फैले। सभी छात्राओं की खुले मैदान में उपस्थिति सुनिश्चित की गई तथा परिसर में किसी के छूट जाने की कोई संभावना नहीं छोड़ी गई।
सघन जांच के उपरांत यह पुष्टि की गई कि महाविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की विस्फोटक सामग्री अथवा संदिग्ध वस्तु नहीं पाई गई। इसके पश्चात स्थिति को पूर्णतः नियंत्रण में घोषित कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी प्रकार की धमकी या अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाविद्यालय के डायरेक्टर श्री संजय अरोड़ा ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा महाविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड, जिला प्रशासन एवं समस्त स्टाफ के सहयोग की सराहना की तथा छात्राओं एवं अभिभावकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन पर विश्वास बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने बताया कि भविष्य में भी आपात परिस्थितियों से निपटने हेतु नियमित मॉक ड्रिल, सुरक्षा प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही साइबर सुरक्षा एवं संचार माध्यमों की निगरानी को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
महाविद्यालय प्रशासन ने छात्राओं, अभिभावकों, मीडिया एवं आमजन से शांति, संयम एवं सहयोग बनाए रखने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करने की अपील की है।