गायत्री शक्तिपीठ में बसंत पंचमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब: मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए विभिन्न संस्कार

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Published on : 23 Jan, 26 16:01

गायत्री शक्तिपीठ में बसंत पंचमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब: मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए विभिन्न संस्कार


चित्तौड़गढ़, शहर के गायत्री शक्तिपीठ में शुक्रवार को बसंत पंचमी का पावन पर्व अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। युग निर्माण योजना के सूत्रधार परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के आध्यात्मिक जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य समारोह में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ की लपटों के बीच वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा।

संस्कारों का संगम: 10 नौनिहालों का हुआ विद्यारंभ
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण 'नि:शुल्क संस्कार महोत्सव' रहा। विद्या की देवी माँ सरस्वती के प्राकट्य दिवस पर गुरुदेव की सूक्ष्म उपस्थिति में विभिन्न आध्यात्मिक संस्कार संपन्न कराए गए। डेटा की शुद्धता और शास्त्रोक्त विधि को प्रधानता देते हुए, आयोजन में निम्नलिखित संस्कार पूर्ण हुए:

विद्यारंभ संस्कार: 10 बच्चों को स्लेट और चौक थमाकर, गायत्री मंत्र के साथ शिक्षा के प्रथम सोपान की दीक्षा दी गई।

अन्नप्राशन संस्कार: 01 बालक को प्रथम बार पवित्र अन्न ग्रहण कराया गया।

पुंसवन संस्कार: 01 गर्भवती माता का संस्कार कर आने वाली संतान के उज्जवल भविष्य की कामना की गई।

गुरुदीक्षा संस्कार: 01 साधक ने गुरुदेव के संरक्षण में आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

विवाह दिवस एवं जन्मदिवस संस्कार: 01 दंपत्ति ने अपनी शादी की सालगिरह और 01 श्रद्धालु ने अपना जन्मदिन यज्ञ भगवान की साक्षी में सादगीपूर्ण तरीके से मनाया।

पंच कुंडीय महायज्ञ और वैचारिक क्रांति
प्रातः 8:30 बजे से आरंभ हुए पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ में पीत वस्त्र धारी श्रद्धालुओं ने 'इदं न मम' के भाव के साथ आहुतियां समर्पित कीं। गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजनों ने इस अवसर पर कहा कि बसंत पंचमी 'चेतना के जागरण' का पर्व है। गुरुदेव के विचारों के अनुरूप 'मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण' ही इस आयोजन का मूल उद्देश्य है।

महाप्रसादी के साथ समापन
यज्ञ और आरती के पश्चात सभी उपस्थित धर्मप्रेमी बंधुओं और बच्चों के लिए महाप्रसादी (भोजन) का आयोजन किया गया। आयोजन को सफल बनाने में महिला प्रकोष्ठ और युवा मंडल के कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा। गायत्री परिवार ने इस पुनीत कार्य में सम्मिलित सभी नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।


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