उदयपुर,राज्य के मूल निवासी एक लाख युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने हेतु वित्तीय संस्थान के माध्यम से ब्याज मुक्त ऋण, मार्जिन मनी, सीजीटीएमएसइ फी का पुनर्भरण कराये जाने के उद्देश्य से यह योजना प्रारंभ की गई है। उक्त योजना में विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार आधारित नवीन उद्यमों सहित स्थापित उद्यम के विस्तार, विविधकरण या आधुनिकीकरण हेतु ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा, जिस पर राज्य सरकार मार्जिग मनी, तथा शत-प्रतिशत ब्याज अनुदान एवं सीजीटीएमएसइ फी का पुनर्भरण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना का कियान्वयन ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के महाप्रबन्धक ने बताया कि योजना की पात्रता में आवेदक राजस्थान का मूल निवास होना चाहिए तथा आवेदक की उम्र 18 वर्ष से अधिकतम 45 वर्ष होनी चाहिए। एच.यू.एफ, सोसायटी, भागीदारी फर्म, एलएलपी फर्म एवं कम्पनी की स्थिति में उनका नियमानुसार पंजीयन होना आवश्यक है एवं संस्थान का 51 प्रतिशत या अधिक स्वामित्य 18 से 45 वर्ष के आयु के व्यक्तियों में निहित होना अनिवार्य है। लाभार्थी द्वारा इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने पर राज्य सरकार की अन्य योजना में भी पात्रतानुसार लाभ हेतु पात्र होंगे। विस्तार/विविधिकरण/आधुनिकीकरण के प्रकरणों में इकाई के विद्यमान निवेश में 25 प्रतिशत वृद्धि आवश्यक होगी। आवेदक पूर्व में बैंक वित्तीय संस्थान से लिए गए ऋण में डिफाल्टर/दोषी नहीं हों।
महाप्रबन्धक ने बताया कियोजनान्तर्गत कक्षा 8 से 12 तक उत्तीर्ण आवेदकों को सेवा व व्यापार क्षेत्र के लिए 3.5 लाख तथा विनिर्माण क्षेत्र के लिए 7.5 लाख रूपये का व्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। अधिकतम 35 हजार रूपये की मार्जिन मनी भी दी जायेगी। स्नातक आईटीआई आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 5 लाख रूपये एवं विनिर्माण क्षेत्र के लिए 10 लाख रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। अधिकतम 50 हजार रूपये की मार्जिन मनी भी दी जायेगी। अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र, में संपर्क किया जा सकता है।