उदयपुर, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वावधान में एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश के निर्देशों के क्रम में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर एवं श्रीजी एसोसिएशन फॉर डिस्प्यूट रेजोल्यूशन एसएडीआर के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। अभियान के अंतर्गत और राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को जगदीश चौक स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के मध्य एक विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एडीजे कुलदीप शर्मा ने डिजिटल दुनिया में साइबर सुरक्षा की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने साइबर अपराध और धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक तरीके साझा किए और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में जागरूक किया। साथ ही, उन्होंने बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए बाल विवाह जैसी कुरीति के कानूनी और सामाजिक दुष्परिणामों से अवगत कराया।
सेनानिवृत्त सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष एसएडीआर शिव सिंह चौहान ने वर्तमान में बढ़ रहे ‘डिजिटल अरेस्ट‘ के मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी संस्था फोन पर गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे की मांग नहीं करती। उन्होंने विद्यार्थियों से राजकॉप सिटीजन एप का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।
शिविर के दौरान संस्था के डायरेक्टर हेमंत जोशी ने श्रीजी एसोसिएशन फॉर डिस्प्यूट रेजोल्यूशन एसएडीआर का विस्तृत परिचय देते हुए बताया कि यह नॉन-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है, जो समाज में न्याय और सामंजस्य स्थापित करने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने संस्था के मुख्य उद्देश्यों पर भी चर्चा की।
इसी क्रम में, अधिवक्ता प्रवीण पुरोहित और तरुण बैरागी ने तकनीकी पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर ठग फिशिंग, विशिंग और सोशल मीडिया फ्रॉड के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। उन्होंने ‘साइबर हाइजीन‘ की बेस्ट प्रैक्टिसेज साझा की। एसएडीआर की सदस्य एवं अधिवक्ता शालू आर्या, गरिमा कुंवर भाटी, और अभियान के कोऑर्डिनेटर चिराग जोशी एवं ज्योति भोजवानी ने भी साइबर सुरक्षा पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों को संस्था की निःशुल्क सेवाओं की जानकारी दी गई, पम्फलेट्स वितरित किए गए और बच्चों को उपयोगी पुस्तकें भी प्रदान की गईं।