जैसलमेर। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद रश्मि रानी के निर्देशन में जनजाति जिले में संचालित जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास, जैसलमेर में निवासरत छात्राओं के स्वास्थ्य एवं दैनिक पोषण आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक सराहनीय पहल की गई है। इसके तहत दूध की नियमित आपूर्ति स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित डेयरी के माध्यम से सुनिश्चित की गई है।
यह पहल छात्राओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को इससे नियमित रोजगार प्राप्त होगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी एवं वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
यह मॉडल महिला सशक्तिकरण, स्थानीय रोजगार सृजन एवं सामाजिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में सतत विकास को प्रोत्साहित करेगा। साथ ही, भविष्य में इस सफल मॉडल को अन्य छात्रावासों एवं शैक्षणिक संस्थानों में भी लागू करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को लाभ मिल सकेगा और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
यह पहल न केवल छात्राओं के स्वास्थ्य सुधार में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने एवं महिला सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।