वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विविध आयोजनों की श्रृंखला, सूचना केंद्र में प्रदर्शनी का शुभारंभ

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Published on : 24 Jan, 26 15:01

राष्ट्रगीत की यात्रा और महत्व को जानना आज की युवा पीढ़ी के लिए बेहद आवश्यक रू सांसद डॉ रावत

वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विविध आयोजनों की श्रृंखला, सूचना केंद्र में प्रदर्शनी का शुभारंभ



उदयपुर,  राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर द्वितीय चरण के तहत आयोजित विविध कार्यक्रमों की कड़ी में शनिवार को सूचना केंद्र में दो दिवसीय विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के करकमलों से हुआ। कार्यक्रम में जनसंपर्क उपनिदेशक गौरिकान्त शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने वंदे मातरम् से जुड़े ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैचारिक पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् की भावना भारतीय संस्कृति की गहराई से जुड़ी है। अथर्ववेद के भू-सूक्त में धरती माता की महिमा का जो वर्णन मिलता है, वही भाव वंदे मातरम् की रचना में समाहित है।

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सांसद डॉ रावत ने आदिवासी महानायक भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि आज़ादी की लड़ाई में उनका अहम योगदान रहा। उन्होंने कहा कि भारत में संस्कृति को कमजोर करने के प्रयास हुए, लेकिन बिरसा मुंडा जैसे नायकों की चेतना स्वराज और आत्मसम्मान से जुड़ी रही। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज़ादी के ऐसे कई भूले-बिसरे नायकों को उचित सम्मान देने का कार्य किया गया है।

डॉ. रावत ने गुजरात के केवडिया में स्थापित सरदार वल्लभभाई पटेल की भव्य प्रतिमा का उल्लेख करते हुए इसे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि अच्छे गुणों को आत्मसात कर लक्ष्य तय करना ही राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् को पूरी तरह न अपनाए जाने के पीछे ऐतिहासिक और राजनीतिक कारण रहे हैं, लेकिन इसकी यात्रा और महत्व को जानना आज की युवा पीढ़ी के लिए बेहद आवश्यक है। संविधान की प्रस्तावना के शब्द “हम भारत के लोग” का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसके गहन अर्थ पर प्रकाश डाला और कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान की भावना लोकतंत्र को सशक्त बनाती है। देश की आर्थिक प्रगति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और शीघ्र ही तीसरे पायदान पर पहुंचेगा।

नक्सलवाद जल्द ही इतिहास के पन्नो में सिमट कर रह जाएगा

उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में जहां 27 करोड़ से अधिक परिवार बीपीएल श्रेणी में थे, वहीं आज यह संख्या घटकर 4.6 करोड़ रह गई है। भारत ने डिजिटल क्रांति के माध्यम से विश्व स्तर पर नई पहचान बनाई है। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि दक्षिण राजस्थान में सक्रिय अलगाववादी तत्व देश की सुरक्षा के लिए चुनौती हैं। वहीं नक्सलवाद 126 जिलों से सिमटकर मात्र चार जिलों तक रह गया है और मार्च 2026 तक इसके पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य है।

पेपरलिक में शामिल अपराधियों को बख्शा नही जाएगा

सांसद ने युवाओं से देश को विकसित राष्ट्र बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि वीबी जी राम जी एक्ट के तहत अब 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जो एक बड़ा परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक गिरोह के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई की है और आगे भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। युवाओं के लिए भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया गया है, जिससे भविष्य की तैयारी में सुविधा होगी।

इस अवसर में इतिहासविद और प्रताप गौरव केंद्र शोध निदेशक डॉ विवेक भटनागर ने युवाओं को प्रेरणास्पद उद्बोधन के जरिए मार्गदर्शन प्रदान किया। इस दौरान जनसंपर्क अधिकारी विपुल शर्मा, सहायक जनसंपर्क अधिकारी विनय सोमपुरा, जयेश पण्डया, सूचना केंद्र अधिकारी-कर्मचारी समेत बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।


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