माही टॉक फेस्ट 4.0 का उद्घाटन सत्र: ‘एकात्म भारत’ थीम पर हुआ विचार–संवाद और सांस्कृतिक मंथन

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Published on : 25 Jan, 26 04:01

संवाद, साहित्य और संस्कृति के माध्यम से राष्ट्रबोध को सशक्त करने का प्रयास

माही टॉक फेस्ट 4.0 का उद्घाटन सत्र:  ‘एकात्म भारत’ थीम पर हुआ विचार–संवाद और सांस्कृतिक मंथन


बांसवाड़ा,  गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा एवं विश्व संवाद केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय साहित्य, संवाद और कला उत्सव माही टॉक फेस्ट (MTF) 4.0 का औपचारिक उद्घाटन शनिवार को विश्वविद्यालय सभागार में हुआ।
यह फेस्ट 23 से 25 जनवरी तक विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें साहित्य, लोकसंस्कृति, मीडिया, कला, राष्ट्रबोध और समकालीन विषयों पर गहन विचार-मंथन किया जा रहा है।





‘एकात्म भारत’ की अवधारणा पर केंद्रित रहा उद्घाटन सत्र :
माही टॉक फेस्ट 4.0 की थीम “एकात्म भारत” रही, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता, जनजातीय चेतना, संवाद और रचनात्मक अभिव्यक्ति पर विविध सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

उद्घाटन सत्र में जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट बांसवाड़ा डॉ. इन्द्रजीत यादव, IAS मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संवाद, विचार और संस्कृति के माध्यम से ही राष्ट्र निर्माण को नई दिशा दी जा सकती है।


डॉ. यादव ने माही टॉक फेस्ट की थीम को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानववाद’ से प्रेरित बताते हुए एक लघुकथा प्रस्तुत करते हुए कहा कि विकास की गति कनखजूरे की तरह निरंतर और संतुलित होनी चाहिए, जबकि गीदड़ जैसी दिग्भ्रमित करने वाली शक्तियों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने युवाओं से इस प्रकार के वैचारिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
कुलगुरु प्रो. केशव सिंह ठाकुर ने युवाओं से किया आह्वान
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. केशव सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने साहित्य को समाज का दर्पण बताते हुए माही टॉक फेस्ट जैसे आयोजनों को जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसील स्तर तक ले जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

स्वबोध और सांस्कृतिक चेतना पर जोर :
विशिष्ट अतिथि के रूप में हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एन.के. पाण्डेय ने स्वबोध का आह्वान करते हुए कहा कि इसके अभाव में समाज अपनी नदियां, पर्वत और पुरखों की स्मृति खो देता है।
उन्होंने वागड़ गंगा माही के सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए हिमालय को देवतात्मा बताया और उस पर होने वाले आघात को भारत की आत्मा पर आघात कहा।
इस अवसर पर संत रामस्वरूप महाराज ने वागड़ अंचल की नोतरा परंपरा की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी बताया।
सागर केन्द्रीय विश्वविद्यालय के चांसलर के.एल. बैरवा ने गोविंद गुरु के प्रेरक व्यक्तित्व को स्मरण करते हुए माही टॉक फेस्ट को शैक्षिक एवं बौद्धिक उन्नयन का महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय की कुलसचिव कश्मी कौर ने दिया। माही टॉक फेस्ट का विस्तृत परिचय एवं गतिविधियों की जानकारी संयोजक डॉ. कमलेश शर्मा ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लोकेंद्र कुमार ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन शफकत राणा ने किया।

लोक साहित्य को समर्पित रहा प्रथम सत्र :
उद्घाटन सत्र के पश्चात आयोजित प्रथम सत्र में हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एन.के. पाण्डेय ने लोक साहित्य और एकात्म भारत विषय पर संवाद किया।
सत्र के मॉडरेटर डॉ. कमलेश शर्मा रहे। प्रो. पाण्डेय ने कहा कि लोक साहित्य जन-आत्मा की आवाज है और यह केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान की चेतना और भविष्य की दिशा भी है। इस सत्र में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. राजेश जोशी ने त्रिपुरा सुंदरी विषय पर प्रबोधन दिया। सत्र का संचालन अर्पित जैन ने किया।

मीडिया और डिजिटल युग पर केंद्रित सत्र :
माही टॉक फेस्ट के दूसरे दिन केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान के प्रो. अमिताभ श्रीवास्तव ने कम्युनिटी रेडियो विषय पर संवाद किया।
सत्र की मॉडरेटर अर्चना शर्मा रहीं तथा संचालन नीरज श्रीमाली ने किया। इसके पश्चात प्रभव उपाध्याय ने डिजिटल युग में साहित्य का स्वरूप विषय पर प्रस्तुति दी।

सोशल मीडिया पर योगेश राजपुरोहित का संवाद :
सोशल मीडिया एवं आईटी एक्सपर्ट योगेश राजपुरोहित ने डिजिटल युग में साहित्य विषय पर चर्चा करते हुए सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने वायरल पेंग्विन वीडियो का उदाहरण देते हुए कहा कि बिना संदर्भ के वायरल कंटेंट समाज को भ्रमित कर सकता है। इस सत्र के मॉडरेटर विकास छाजेड़ रहे तथा संचालन मामराज ने किया।

पुस्तक विमोचन :
माही टॉक फेस्ट के दूसरे दिन डॉ. सरला पंड्या की पुस्तक
‘विद्यानिवास मिश्र के निबंधों में सांस्कृतिक चेतना’ का विमोचन किया गया।

कलक्टर ने किया बुक फेयर और प्रदर्शनी का अवलोकन

जिला कलक्टर डॉ.इंद्रजीत यादव ने आज माही टॉक फेस्ट के तहत आयोजित एनबीटी के बुक फेयर और संविधान विषयक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विकास छाजेड़ व डॉ. कमलेश शर्मा ने कलक्टर को प्रदर्शनी व बुक फेयर का अवलोकन कराया और यहां प्रदर्शित पुस्तकों और प्रदर्शनी की विषयवस्तु के बारे में कलक्टर को अवगत कराया। कलक्टर ने भी प्रदर्शनी और बुक फेयर को युवाओं और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया और इसका लाभ उठाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर प्रो. राजेश जोशी, प्रो. नरेंद्र पानेरी, डॉ. प्रमोद वैष्णव, डॉ. राकेश डामोर, डॉ. लोकेन्द्र कुमार विश्व संवाद केंद्र की ओर से मदन मोहन टांक, डॉ. कमलेश शर्मा, डॉ. सुनील कुमार खटीक, विकास छाजेड़, नीरज श्रीमाली, मामराज, जयराज सहित बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी और विश्वविद्यालय स्टाफ ने सक्रिय सहभागिता निभाई।


रील्स, वर्कशॉप और राष्ट्रबोध संवाद के साथ होगा समापन :

माही टॉक फेस्ट के तहत 25 जनवरी को रील्स मेकिंग प्रतियोगिता, आर्ट ऑफ रीडिंग कार्यशाला, मीडिया–सरोकारी संवाद तथा आनंद मठ और वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर विशेष चर्चा होगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में संगीतमय स्टोरीटेलिंग प्रस्तुति भी शामिल रहेगी।
फेस्ट का समापन सत्र 25 जनवरी को दोपहर 12.30 बजे विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित होगा। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राजस्थान के क्षेत्र प्रचारक श्री निंबाराम जी मुख्य अतिथि के रूप में ‘राष्ट्र साधना के 100 वर्ष’ विषय पर विचारोत्तेजक संवाद प्रस्तुत करेंगे।


साभार :


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