कोटा के वरिष्ठ पत्रकार  अनिल भरद्वाज ने आगामी बजट में पत्रकारों की मांगो को शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र 

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Published on : 27 Jan, 26 08:01

कोटा के वरिष्ठ पत्रकार  अनिल भरद्वाज ने आगामी बजट में पत्रकारों की मांगो को शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र 

के डी अब्बासी 

कोटा। कोटा,जनवरी। ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब  के जनरल सेक्रेटरी अनिल भारद्वाज ने मुख्य मंत्री भजन लाल शर्मा को बजट में पत्रकारों की मांगो को शामिल करने के लिए रजिस्टर्ड पत्र भेजा है।पत्र में लिखा है कि

आपकी सरकार ने 2 वर्ष पहले पत्रकारों के स्वास्थ्य बीमा की योजना शुरू करके सराहनीय कार्य किया है इसके लिए हम आपके आभारी है यह बीमा योजना अस्पताल में भर्ती होने के बाद रोगी को लाभ प्रदान करती है मेरा आपसे आग्रह है कि कृपया आप इस योजना में आउटडोर को भी किसी तरह से शामिल करने का कष्ट करें अथवा आउटडोर की पत्रकार मेडिकल डायरी की सीमा जो वर्तमान में 5000 रूपये है। उसे बढ़ाकर 30,000 रुपए तक करने की कृपा करें। सामान्यतः 40 वर्ष की उम्र के बाद पत्रकार अपनी तनाव भरी दिनचर्य की वजह से उच्च रक्तचाप हार्ट और डायबिटीज के पेशेंट हो जाते हैं। इनकी दवाई प्रति माह चार से 5हजार रुपए की पड़ती है, जबकि सरकार की तरफ से वर्ष भर में सिर्फ 5000 रुपए की राशि देय है। यह काफी कम है। आप पत्रकारों की मेडिकल डायरी की राशि को बढ़ाकर उनकी मदद करने की कृपा करें।

 

दूसरा सुझाव

 

पत्रकारों की सम्मान निधि को लेकर सरकार रियायत दे

 

पत्रकारो को राज्य सरकार की ओर से राजस्थान वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान योजना के अंतर्गत 60 वर्ष की उम्र के बाद 15000 रुपए प्रति माह सम्मान राशि दी जाती है। हमारा आपसे आग्रह है की बढ़ती हुई महंगाई के कारण यह राशि काफी कम और अपर्याप्त होती है। लिहाजा आप इस राशि को बढ़ाकर 25000 रुपए प्रति माह करने की कृपा करें। आम तौर पर पत्रकार निजी संस्थाओं से सेवानिवृत होते हैं और उन्हें कोई पेंशन या कोई दूसरा लाभ भी नहीं मिलता है। ऐसी स्थिति में अधिक उम्र होने पर पत्रकार और उनके परिजन काफी परेशानी के दौर से गुजरते हैं। हमारा आपसे आग्रह है कि आप इस राशि में वृद्धि करें। दूसरी स्थिति जो आपके भी सामने है। अखबारों की हालत कोई अच्छी नहीं है। सभी मीडिया संस्थान छटनी कर रहे हैं और ऐसी स्थिति में जो पुराने पत्रकार है। उनको जबरन नौकरी से निकाला जा रहा है। 50 से 55 वर्ष की उम्र के बीच मीडिया संस्थान पत्रकारों को नौकरी से हटा देते हैं। ऐसी स्थिति में पत्रकारों के सामने रोजी रोटी का बड़ा संकट पैदा हो जाता है। पत्रकारों के लिए अब नौकरी की संभावना भी राज्य में कम है। हमारा आपसे आग्रह है कि आप 60 वर्ष में दी जाने वाली सम्मान राशि की आयु सीमा पत्रकारों के लिए 55 वर्ष करने की कृपा करें। इसके साथ यह शर्त जोड़ी जा सकती है की पेंशन ऐसे ही पत्रकारों को दी जाए जिनके पास 20 वर्ष लगातार सक्रिय पत्रकारिता करने का अनुभव हो। आपका यह फैसला कई पत्रकार परिवारों की रोजी-रोटी चलाने में मदद करेगा उनको सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार देगा।

 

माननीय मुख्यमंत्री महोदय आप एक सुविज्ञ, संवेदनशील और कुशल प्रशासक है। सभी वर्गों का ध्यान रखते हैं। सभी वर्गों को अपने साथ लेकर चलते हैं। ऐसी स्थिति में राजस्थान के पत्रकारों को भी आपसे उम्मीद है कि आप उनके बारे में भी विचार कर उन्हें रियायत देंगे और उनके मददगार ही बनेंगे।


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