सिरोही। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से 9वीं बार पेश किया गया केंद्रीय बजट देश के विकास की राह को प्रशस्त करने वाला है। बजट स्वागत योग्य है।
बजट में बुजुर्गों के लिए गंभीर रोगों यथा शुगर, केंसर जैसी दवाओं के दाम घटने की दिशा तय की गई है। देश में तीन नए एम्स स्तर के आयुर्वेद संस्थान बनाए जाएंगे। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे। 800 जिलों में जिला मुख्यालय पर बालिकाओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। कोर्पोरेट के लिए सात हाईस्पीड कॉरीडोर खोले जाएंगे। बजट में निवेश को बढ़ावा, घरेलू विनिर्माण को मजबूती, ऊर्जा सुरक्षा, रोजगार सृजन एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और सशक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में वर्ष-2026 में आवश्यकता अनुरूप सड़क, बिजली, पानी, पेयजल, शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, कृषि उत्पादकता और गरीब-मध्यम वर्ग की मूलभूत आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा गया है। ये भारत सरकार के गुड गवर्नेंस का प्रतीक है। ये बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनता के बीच में विश्वास दर्शाता है। भारत का ग्रोथ रेट 7 फीसदी है। ये दिखा रहा है किस प्रकार हमने अपनी जीडीपी को लगातार मजबूत किया है। सरकार ने बजट में जरुरी सुधारों को प्राथमिकता देते हुए आम नागरिक को केंद्र में रखा है। यह बजट आर्थिक सशक्तिकरण, जन आकांक्षाओं की पूर्ति और समावेशी विकास इन तीन मजबूत स्तंभों पर आधारित है।