गुजराती मोची समाज का प्रथम स्नेह मिलन एवं परिचय सम्मेलन सम्पन्न

( 1230 बार पढ़ी गयी)
Published on : 01 Feb, 26 17:02

2000 समाजजन रहे उपस्थित, 180 युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन आयोजित

गुजराती मोची समाज का प्रथम स्नेह मिलन एवं परिचय सम्मेलन सम्पन्न

गुजराती मोची समाज सामूहिक विवाह समिति के तत्वावधान में समाज का प्रथम स्नेह मिलन एवं परिचय सम्मेलन दिनांक 1 फरवरी 2026, रविवार को फतेह स्कूल ग्राउंड में भव्य रूप से आयोजित किया
 गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:15 बजे गणपति वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। साथ ही संत शिरोमणि श्री रविदास जी की जन्म जयंती भी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई।

समिति के अध्यक्ष श्री सत्यनारायण मोची ने स्वागत उद्बोधन में समाज की एकता, संगठन एवं युवा सहभागिता पर बल दिया। इस अवसर पर समाज की वेबसाइट “हमारी विरासत विवरणिका” का विमोचन किया गया, जिसे श्री दीपक कुमार मोची, कपासन द्वारा पूर्णतः निःशुल्क तैयार कर समाज को समर्पित किया गया। यह पहल समाज के लिए एक उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायक कदम माना गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न शहरों के अध्यक्षों, प्रतिभावान विद्यार्थियों, खेल प्रतिभाओं, वरिष्ठजनों, सरकारी सेवा में चयनित युवाओं, राजपत्रित अधिकारियों, भामाशाहों एवं विशेष रूप से समाजसेवी श्री लक्ष्मीनारायण परमार, चित्तौड़गढ़ को सम्मानित किया गया। साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।

समाज के 180 अविवाहित युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन भी आयोजित किया गया, जिससे वैवाहिक परिचय एवं सामाजिक समन्वय को बढ़ावा मिला। पार्थिव शिवलिंग रुद्राभिषेक हेतु बोली में श्री सत्यनारायण जी बिलौलिया, प्रेम नगर (पहाड़ा), उदयपुर ने ₹1,21,000 की सर्वाधिक बोली लगाकर पुण्य लाभ प्राप्त किया, जिनका सम्मान किया गया। तथा बोली समिति के कोषाध्यक्ष श्री राजन जी महीसानिया, डबोक द्वारा सम्पन्न करवाई गई।

सांयकालीन सत्र में भगवान खाटूश्यामजी की झांकी एवं भजन संध्या का आयोजन श्री विक्रम जी चौहान, प्रतापगढ़ द्वारा किया गया। तथा प्रसाद स्वरूप सभी समाजजनों ने सात्विक अल्पाहार व दोनों समय का भोजन किया।
कार्यक्रम में लगभग 2000 समाजजन उपस्थित रहे। मंच संचालन श्री रजनीश चूहाड़िया एवं सपना चूहाड़िया ने किया।
कार्यकारिणी के सलाहकारों, पदाधिकारियों एवं सदस्यों के सामूहिक सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। अंत में अध्यक्ष द्वारा आभार व्यक्त करते हुए समापन उद्बोधन दिया गया।
 


साभार :


© CopyRight Pressnote.in | A Avid Web Solutions Venture.