मनरेगा बचाओ संग्राम: कांग्रेस का जोरदार धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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Published on : 02 Feb, 26 11:02

मनरेगा बचाओ संग्राम: कांग्रेस का जोरदार धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

उदयपुर, 2 फरवरी।ग्रामीण आजीविका और गरीब-मज़दूरों के अधिकारों पर हो रहे हमलों के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान एवं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार उदयपुर देहात एवं उदयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम जनआंदोलन के तहत सोमवार को संभागीय आयुक्त कार्यालय, उदयपुर के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रातः 11 बजे प्रारंभ हुए इस आंदोलन के पश्चात महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मनरेगा को उसके मूल अधिकार-आधारित स्वरूप में बहाल करने की मांग की गई।

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि यह लड़ाई केवल सत्ता के अहंकार के खिलाफ नहीं, बल्कि गरीब, मज़दूर और किसान के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को कमजोर करना केवल एक योजना को खत्म करना नहीं, बल्कि करोड़ों गरीब परिवारों से रोज़गार, सम्मान और अधिकार छीनने की सुनियोजित साज़िश है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा महात्मा गांधी के नाम पर शुरू की गई यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना बनी, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती दी।

रघुवीर सिंह मीणा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए प्रावधानों में न तो 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी है, न न्यूनतम मजदूरी का अधिकार और न ही पंचायतों को काम देने का वास्तविक अधिकार। उन्होंने कहा कि राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालकर योजना को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में सफल नहीं होने देगी।

उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की रीढ़ है और करोड़ों गरीब परिवारों के सम्मान से जीने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि पंचायतों के अधिकार छीनना, बजट में कटौती करना और मजदूरी भुगतान में देरी करना ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला है, जिसका कांग्रेस हर स्तर पर विरोध करेगी।

धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजीव राजपुरोहित ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन दिनेश दवे द्वारा प्रस्तुत किया गया। धरने के बाद उदयपुर देहात एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय आयुक्त को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग दोहराई।

धरना-प्रदर्शन में मावली विधायक पुष्कर डांगी, पीसीसी उपाध्यक्ष सुरेश श्रीमाली, पीसीसी महासचिव लाल सिंह झाला, सरोज मीणा, पंकज शर्मा, राजस्थान इंटक अध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली, पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत, पूर्व मंत्री डॉ. मांगी लाल गरासिया, पूर्व उप जिला प्रमुख लक्ष्मी नारायण पंड्या, पीसीसी महासचिव सुरेश सुथार, पूर्व देहात अध्यक्ष कचरू लाल चौधरी, ब्लॉक अध्यक्ष खेमराज मीणा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, महिला कांग्रेस प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का सशक्त और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा और गांव-गरीब-मज़दूर के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष निरंतर चलता रहेगा।


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