यूसीसीआई फार-मेड अकादमिक एलायंस ओपन हाउस: उद्योग-अकादमिक सहभाग से स्थानीय फार्मा टैलेंट को मिलेगा सशक्त मंच  

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Published on : 02 Feb, 26 16:02

उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (UCCI) फार्मास्युटिकल–मेडिकल इक्विपमेंट–अकादमिक अलायंस ओपन हाउस संवाद बैठक

यूसीसीआई फार-मेड अकादमिक एलायंस ओपन हाउस: उद्योग-अकादमिक सहभाग से स्थानीय फार्मा टैलेंट को मिलेगा सशक्त मंच  

उदयपुर। उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (यूसीसीआई) के तत्वावधान में आयोजित यूसीसीआई फार-मेड अकादमिक एलायंस ओपन हाउस कार्यक्रम में फार्मास्यूटिकल उद्योग और फार्मेसी शिक्षा संस्थानों के प्रमुख हितधारकों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में 15 फार्मेसी कॉलेजों के प्रतिनिधि एवं 20 फार्मा उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


कार्यक्रम की स्वागत उद्बोधन UCCI के उपाध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह खीमेसरा ने किया। उन्होंने UCCI की गतिविधियों, उद्योग–अकादमिक सहयोग की आवश्यकता तथा इस अलायंस के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने पर बल दिया।

कार्यक्रम की रूपरेखा एवं संक्षिप्त परिचय फार्मा–मेड सब-कमेटी के सचिव श्री राहुल जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात फार्मा–मेड सब-कमेटी के सदस्य डॉ. अनिल व्यास ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से फार्मा उद्योग के समक्ष आ रही विभिन्न चुनौतियों को रेखांकित किया।

सब-कमेटी के अध्यक्ष एवं UCCI के पूर्व अध्यक्ष श्री विनोद कुमट ने अपने संबोधन में इंडस्ट्री–अकादमिक कॉन्क्लेव की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए दोनों क्षेत्रों की व्यावहारिक चुनौतियों एवं उनके समाधान पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सतत संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

पैसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट श्री इन्द्रजीत सिंह सिंघवी ने अकादमिक जगत की अपेक्षाओं को रखते हुए कहा कि वर्तमान में विद्यार्थी उद्योग के मानकों के अनुरूप पूरी तरह तैयार नहीं हैं। उन्होंने विन–विन मॉडल अपनाने पर बल दिया और कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें विशेषज्ञों की कमी, फैकल्टी विभागों की पहल, पुरानी शिक्षण पद्धतियां, प्रबंधन स्तर की सहभागिता, सरकारी सहयोग से सांस्कृतिक एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना, विद्यार्थियों की प्लेसमेंट एवं करियर गाइडेंस, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के चयनित विद्यार्थियों का उद्योग द्वारा प्रशिक्षण, उद्योग–अकादमिक के बीच सतत संवाद, गतिविधियों हेतु कोर्पस फंड की स्थापना तथा UCCI में ड्रग कंट्रोलर को आमंत्रित कर संवाद बैठक आयोजित करने जैसे सुझाव शामिल रहे।

बी.एन. कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. कमल सिंह राठौड़ ने कहा कि वर्तमान समय में इंडस्ट्री–अकादमिक बोर्ड की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने पाठ्यक्रम के अद्यतन, सिक्स सिग्मा/काइज़न जैसे गुणवत्ता उपकरणों के कार्यान्वयन, विद्यार्थियों एवं फैकल्टी के लिए उद्योग भ्रमण, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अनुरूप नए सिलेबस के क्रियान्वयन, अकादमिक संस्थानों में सीमित शोध अवसरों, उद्योग विशेषज्ञों द्वारा मेंटरशिप, नवाचार, उद्योग–अकादमिक एमओयू, संयुक्त शोध एवं तकनीकी उन्नयन, तथा इंडस्ट्री–अकादमिक का SWOT विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने विद्यार्थियों को इंडस्ट्री रेडी बनाने में आ रही बाधाओं और उनके समाधान पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

बैठक में बताया गया कि उदयपुर क्षेत्र के फार्मा उद्योग एवं अकादमिक संस्थान मिलकर एमएसएमई क्षेत्र में 900 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रतिनिधित्व करते हैं। साथ ही, निकट भविष्य में बड़ी फार्मा कंपनियों के उदयपुर में आगमन से इस क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावनाएँ हैं।

इस संवादात्मक बैठक का प्रमुख उद्देश्य फार्मेसी विद्यार्थियों के लिए रोजगारोन्मुख इको-सिस्टम का निर्माण करना था। उल्लेखनीय है कि उदयपुर के फार्मेसी कॉलेजों से प्रतिवर्ष 700 से अधिक छात्र-छात्राएँ स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी उपाधि प्राप्त करते हैं। ऐसे में उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है।

बैठक के प्रमुख निष्कर्ष/निर्णय:

उद्योग-अकादमिक के बीच प्रभावी संवाद चैनल स्थापित किए जाएंगे।

विद्यार्थियों के लिए औद्योगिक एक्सपोज़र विज़िट की पहल की जाएगी।

फार्मा उद्योगों के विचार एवं अपेक्षाएँ अकादमिक संस्थानों के साथ साझा की जाएंगी।

फार्मेसी पाठ्यक्रम को उद्योग की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर सहमति बनी।

स्थानीय युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे।

यूसीसीआई ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से उदयपुर क्षेत्र में फार्मा उद्योग और शिक्षा के बीच सशक्त सहयोग स्थापित होगा, जिससे विद्यार्थियों की रोजगार-क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

इस अवसर पर श्री विनोद कुमट ने आश्वासन दिया कि इस पहल को आगे बढ़ाते हुए प्रतिमाह उद्योग–अकादमिक इंटरएक्शन मीटिंग आयोजित की जाएगी।

ओपन हाउस संवाद सत्र के दौरान विभिन्न प्रोफेसर, डीन, प्राचार्य, व्याख्याता एवं विद्यार्थियों ने भी अपने विचार रखते हुए शिक्षा एवं उद्योग से जुड़ी समस्याओं और अपेक्षाओं को साझा किया।

फार्मा सब-कमेटी के सदस्य डॉ. अनिल कुमार व्यास, श्री अचल अग्रवाल, श्री सुरेश चंद्र जैन, श्री पंकज मंडावत एवं श्री प्रकाश चंद्र बोलिया ने भी बैठक में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

इस कार्यक्रम में 15 फार्मेसी/मेडिकल कॉलेजों से आए प्रतिभागियों एवं 22 फार्मा उद्योग प्रतिनिधियों सहित कुल 115 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का समापन एवं धन्यवाद ज्ञापन फार्मा–मेड सब-कमेटी के सचिव श्री राहुल जैन द्वारा किया गया।


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