उदयपुर, विश्व की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक प्रोड्यूसर और दुनिया की टॉप पाँच सिल्वर प्रोड्यूसर्स में से एक हिन्दुस्तान जिं़क लिमिटेड को इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित चैथे आईसीएआई सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग अवॉर्ड्स में प्रतिष्ठित ‘बेस्ट बीआरएसआर रिपोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग (लार्ज कैप)’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान हिन्दुस्तान जिं़क की एथिकल गर्वनेन्स, रिस्पाॅन्सिबल मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक स्तर पर बेंचमार्क ईएसजी मानकों पर आधारित पारदर्शी जानकारी के प्रति लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। भारत में, बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग टॉप 1,000 लिस्टेड कंपनियों के लिए सेबी द्वारा अनिवार्य ईएसजी जानकाारी प्रदान करने का फॉर्मेट है, जिसे इ्र्रएसजी परफॉर्मेंस रिपोर्टिंग में निरंतरता और जवाबदेही लाने के लिए डिजाइन किया गया है।
यह अवॉर्ड कम विवरण, अधिक फैसले लेने में सहायक, तुलना करने लायक और वेरिफाएबल डेटा के एक ऐसे बदलाव पर रोशनी डालता है जिसकी निवेशक और रेगुलेटर सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग से लगातार मांग कर रहे हैं। हिन्दुस्तान जिं़क के वित्त वर्ष 2024-25 बीआरएसआर को उसके गवर्नेंस-आधारित दी गयी जानकारी की मजबूती के लिए पहचान मिली है, जिसमें एनर्जी और एमिशन, वॉटर मैनेजमेंट, बायोडायवर्सिटी, ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी, कम्युनिटी इम्पैक्ट और बिजनेस कंडक्ट जैसे जरूरी एनवायरनमेंटल, सोशल एंड गवर्नेंस इंडिकेटर्स का एक स्ट्रक्चर्ड नजरिया शामिल है, जिसे स्टेकहोल्डर की जांच के लिए साफ तौर पर और मात्रात्मक सटीकता के साथ प्रस्तुत किया गया है।
इस उपलब्धि पर हिन्दुस्तान जिं़क के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि, यह पहचान हिंदुस्तान जिंक की सस्टेनेबिलिटी को हमारे काम करने, शासन करने और रिपोर्ट करने के तरीके में शामिल किये जाने के मुख्य विश्वास को मजबूत करती है। पारदर्शी, उच्च-गुणवत्ता की जानकारी सिर्फ कंप्लायंस की बात नहीं है, यह लंबे समय तक भरोसे के लिए जरूरी है। जैसे-जैसे हम एक जिम्मेदार, मल्टी-मेटल भविष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं, हम जमीनी स्तर पर मापने योग्य कार्रवाई को विश्वसनीय, निर्णय लेने में उपयोगी रिपोर्टिंग के साथ जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस मान्यता के साथ ही, हिंदुस्तान जिंक भारत में सस्टेनेबिलिटी और गवर्नेंस रिपोर्टिंग में लगातार सबसे आगे रहा है, और अक्सर रेगुलेटरी आदेशों से पहले ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2021-22 में अपनी मर्जी से बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग शुरू की, जो सेबी नियमों के तहत अनिवार्य होने से एक वर्ष पूर्व से था, यह पारदर्शी ईएसजी जानकारी के प्रति कंपनी के प्रोएक्टिव दृष्टिकोण को दिखाता है। पिछले कुछ सालों में, हिंदुस्तान जिंक ने कई वॉलंटरी फ्रेमवर्क को शामिल करते हुए एक मजबूत और भरोसेमंद रिपोर्टिंग आर्किटेक्चर बनाया है, जिसमें ग्लोबल रिपोर्टिंग इनिशिएटिव, यूएन ग्लोबल कॉम्पैक्ट सिद्धांतों और फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनरल इंडस्ट्रीज सस्टेनेबल माइनिंग इनिशिएटिव के साथ अलाइन इसकी सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट। आईएफआरएस एस2 पूर्व में टीसीएफडी के साथ अलाइन एक डेडिकेटेड क्लाइमेट एक्शन रिपोर्ट और मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में भारत की पहली टास्कफोर्स ऑन नेचर-रिलेटेड फाइनेंशियल डिस्क्लोजर) रिपोर्ट शामिल है। इसकी इंटीग्रेटेड एनुअल रिपोर्ट को पहले भी लीग ऑफ अमेरिकन कम्युनिकेशंस प्रोफेशनल्स द्वारा रिपोर्टिंग में उत्कृष्टता के लिए मान्यता दी गई है। साथ ही हिंदुस्तान जिंक ने टैक्स पारदर्शिता और प्रकृति से संबंधित जोखिमों पर वॉलंटरी जानकारी के माध्यम से पारदर्शिता को मजबूत किया है, जिससे निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स दोनों के लिए निर्णय लेने में उपयोगी, सुनिश्चित और विश्व स्तर पर बेंचमार्क रिपोर्टिंग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है।
हिन्दुस्तान जिं़क की सस्टेनेबिलिटी जानकारी उसके व्यापक रिपोर्टिंग आर्किटेक्चर द्वारा समर्थित हैं, जिसमें उसकी सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट वित्त वर्ष 2024-25 और क्लाइमेट एक्शन रिपोर्टिंग शामिल है, जो पारदर्शी, तुलनात्मक ईएसजी परफॉर्मेंस कम्युनिकेशन पर बल देती है। कंपनी सस्टेनेबिलिटी के लिए एक समग्र, लॉन्ग-टर्म अप्रोच अपनाती है, जिसमें अपने ऑपरेशंस में डीकार्बनाइजेशन, क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और जिम्मेदार रिसोर्स मैनेजमेंट को इंटीग्रेट किया गया है। मार्च 2025 में, कंपनी ने सेरेंटिका रिन्यूएबल्स के साथ 24 घंटे पावर डिलीवरी एग्रीमेंट साइन करके अपने रिन्यूएबल-एनर्जी फाउंडेशन को मजबूत किया, जिससे इसकी ग्रीन-पावर कैपेसिटी 530 मेगावाॅट तक बढ़ जाएगी और वित्त वर्ष 28 तक कुल बिजली का 70 प्रतिशत रिन्यूएबल सोर्स से हासिल करने की इसकी महत्वाकांक्षा को आगे बढ़ाया जाएगा। यह ट्रांजिशन इसके साइंस बेस्ड टारगेट्स इनिशिएटिव -वैलिडेटेड डीकार्बनाइजेशन पाथवे एवं यूएन सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के अनुसार 2050 या उससे पहले नेट जीरो एमिशन हासिल करने की इसकी प्रतिबद्धता के साथ जुड़ा हुआ है। इस वर्ष हिंदुस्तान जिंक ने 6.7 लाख टन जीएचजी एमिशन की बचत की, अपने पावर मिक्स में रिन्यूएबल एनर्जी को लगभग 19 प्रतिशत तक बढ़ाया। एसएण्डपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट द्वारा लगातार तीसरे वर्ष दुनिया की सबसे सस्टेनेबल मेटल्स और माइनिंग कंपनी के रूप में रैंक किया गया। कंपनी ने हाल ही में अपनी पहली टास्कफोर्स ऑन नेचर-रिलेटेड फाइनेंशियल डिस्क्लोजर रिपोर्ट लॉन्च की है, जो भारत में मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जिम्मेदार माइनिंग में अपनी लीडरशिप को मजबूत करते हुए, कंपनी इंटरनेशनल काउंसिल ऑन माइनिंग एंड मेटल्स की भारत की पहली सदस्य भी बनी। कंपनी ग्रीन टेक्नोलॉजी, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और जिम्मेदार और मजबूत विकास के प्रति प्रतिबद्धता से संचालित एक मल्टी-मेटल पावरहाउस में अपने बदलाव को भी जारी रखे हुए है। यह पहचान भारत की सबसे दूरदर्शी और सस्टेनेबल कॉर्पोरेट संस्थाओं में से एक के रूप में इसकी स्थिति को और मजबूत करती है।