विद्यापीठ - विदाई समारोह एवं पारितोषिक वितरण समारेाह का हुआ आयोजन

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Published on : 03 Feb, 26 19:02

राजस्थानी, पंजाबी रिमिक्स गानों पर विद्यार्थियों ने जमकर दी प्रस्तुतियॉ

विद्यापीठ - विदाई समारोह एवं पारितोषिक वितरण समारेाह का हुआ आयोजन

उदयपुर  / राजस्थान विद्यापीठ कुल द्वारा संचालित श्रीमन्नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों की ओर से मंगलवार को बीएड महाविद्यालय के सभागार में आयोजित विदाई समारोह एवं पारितोषिक वितरण समारोह का शुभारंभ कुलाधिपति कुल प्रमुख भंवर लाल गुर्जर, कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत, राजकुमारी सनाढ्य , डॉ. बलिदान जैन ने मॉ सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया।
प्रारंभ में प्रधानाचार्य राजकुमारी सनाढ्य ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। गणेश वंदना से शुरू हुए समारोह में छात्र छात्राओं ने खम्मा घणी - खम्मा घणी म्हारे रजपुता ने खमा घणी , काली - काली गाड़ी में घुमा दे भरतार,  पधारो म्हारे देश , घुमर, बनी थारो चांद सरको मुखड़ो - कटे नजर न लाग जाये....., एकल नृत्य समदरियो लहरा लेवे सा, ओ म्हारा मीठोडा मेहमान, सहित पंजाबी, राजस्थानी रिमिक्स गानों पर प्रस्तुतियॉ दे अतिथियो का मन मोह लिया।
विद्यालय द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों एवं उत्कृष्ट विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र से सम्मानित करते हुए भंवर लाल गुर्जर ने कहा कि जीवन में आगे बढने के लिए अपने कार्य के प्रति समर्पण  व निष्ठा जरूरी है। आजादी के 10 वर्ष पूर्व 1937 में स्थापित विद्यापीठ संस्थान ने देश ही नहीं विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाई है। इसे ओर अधिक उंचाईयांें पर पहुचांने का जिम्मा युवा विद्यार्थियांे का है।
कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि आधुनिकता के दौर में हम अपनी संस्कृति, सभ्यता को भूलते जा रहे है। आज का युवा अपनी राह से भटकते जा रहे है, सोशल मिडिया की काल्पनिक दुनिया में खोये रहते  है और जीवन का बडा हिस्सा इनमें खराब कर देते है जो चिंता का विषय है, वे अपने फोलोअर्स को देख कर खुश होते है लेकिन असल जीवन में उनका कोई महत्व नहीं है। प्रो. सारंगदेवोत ने युवाओं को सोशल मिडिया एवं नशीले पदार्थो के दूर रहने की नसीहत दी। विद्यार्थी सपने हमेशा उंचे देखे, पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम कहा कहते थे कि छोटे सपने देखना अपराध है। कार्य की निरंतरता रखे व जीवन में आगे बढने  के लिए शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक मजबुती जरूरी है।
संचालन रिद्म गुर्जर ने किया।
इस अवसर पर मनीषा पालीवाल, भावना श्रीमाली, टीना परिहार, दीपिका वैष्णव, स ुरेश आमेटा, हितेष पालीवाल, मदन मीणा, रिद्म गुर्जर, राजेन्द्र, कृष्णराज गुरू, पुष्कर, राजसिंह सिसोदिया सहित विद्यार्थियों से समारोह का लुफ ्त उठाया।


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