मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सुरक्षा मजबूत – गृह राज्य मंत्री

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Published on : 04 Feb, 26 18:02

राज्य में कानून व्यवस्था सुधरी, महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता –मंत्री श्री बेढ़म

जयपुर। राजस्थान 16वीं विधानसभा के पंचम सत्र के दौरान बुधवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से रूबरू होते हुए गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने प्रदेश में महिला अपराधों की स्थिति, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर विस्तृत जानकारी दी। मंत्री श्री बेढ़म ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है और अपराधों में कमी देखने को मिली है।

गृह राज्य मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2019 में महिला अत्याचार के 41,155 प्रकरण दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2023 में यह संख्या 42,174 रही। इसके बाद वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रभावी पुलिस कार्रवाई और संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था के कारण वर्ष 2024 में प्रकरण घटकर 37,700 रह गए तथा वर्ष 2025 में 37,981 प्रकरण दर्ज हुए। उन्होंने कहा कि यह कमी पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, त्वरित अनुसंधान और सरकार की प्राथमिकताओं का परिणाम है।

मंत्री श्री बेढ़म ने बताया कि महिला और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के त्वरित निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पुलिस मुख्यालय स्तर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को नियमित निर्देश दिए जा रहे हैं। महानिदेशक पुलिस द्वारा रेंज स्तर पर बैठकें लेकर महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम और शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए जाते हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्तर के अधिकारी भी समय-समय पर रेंजों का दौरा कर निगरानी करते हैं। प्रत्येक जिले में पुलिस अधीक्षक द्वारा मासिक अपराध बैठक आयोजित कर दिशा-निर्देश दिए जाते हैं तथा जिला स्तर पर SIUCAW प्रभारी प्रभावी पर्यवेक्षण कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अनुसंधान अधिकारियों को 60 दिवस की निर्धारित अवधि में जांच पूरी कर न्यायालय में पेश करने के निर्देश हैं। 30, 45 और 60 दिनों की समय-सीमा के अनुसार जिला, रेंज और पुलिस मुख्यालय स्तर पर मामलों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए गृह शासन सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टास्क फोर्स गठित की गई है, जिससे दो माह में निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम के लिए प्रदेश के 41 पुलिस जिलों में विशेष महिला अपराध अनुसंधान इकाई (SIUCAW) गठित की गई है। सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया गया है, जिन्हें 1090 महिला हेल्पलाइन से जोड़ा गया है। दिसंबर 2023 से दिसंबर 2025 तक एंटी रोमियो स्क्वॉड द्वारा 104 प्रकरण दर्ज कर 1,619 निरोधात्मक और 15,910 अन्य कार्यवाहियां की गईं।

इसके साथ ही 2024 से 500 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट सक्रिय हैं, जो बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, स्कूल-कॉलेज और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात हैं। महिला हेल्प डेस्क राज्य के 1,030 थानों में संचालित हैं, जहां दिसंबर 2025 तक 62,645 शिकायतें प्राप्त कर उनका निस्तारण किया गया। 49 महिला पुलिस थानों में महिला सलाह एवं सुरक्षा केंद्र कार्यरत हैं।

गृह राज्य मंत्री ने बताया कि 50 वन स्टॉप क्राइसिस मैनेजमेंट सेंटर के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा, पुलिस और विधिक सहायता एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही है। ऑपरेशन गरिमा, सुरक्षा सखी, राजकॉप सिटीजन एप और महिला शक्ति आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना जैसी पहलें महिला सुरक्षा को सशक्त बना रही हैं। पुलिसकर्मियों को नवीन आपराधिक कानूनों पर प्रशिक्षण देकर संवेदनशीलता और क्षमता बढ़ाई जा रही है।

मंत्री श्री बेढ़म ने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को लेकर गंभीर और अतिसंवेदनशील हैं तथा महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।


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